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मूंगफली की सरकारी खरीद में टोकन बने आफत, किसान परेशान

मूंगफली की सरकारी खरीद व्यवस्था श्रीकोलायत क्रय-विक्रय सहकारी समिति के लिए गले की फांस बन गई है।
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farmers in trouble

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बीकानेर. मूंगफली की सरकारी खरीद व्यवस्था श्रीकोलायत क्रय-विक्रय सहकारी समिति के लिए गले की फांस बन गई है। बुधवार को किसान भवन के बाहर खड़े किसानों को अव्यवस्था के चलते बिना टोकन ही लौटना पड़ा। टोकन सीमा समाप्त होने का सुनकर बुधवार को किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी थी।

मूंगफली की समर्थन मूल्य खरीद प्रक्रिया के लिए पहले जहां ई-मित्र केन्द्रों पर टोकन कटते थे, लेकिन अब टोकन व्यवस्था बांटने की जिम्मेदारी सहकारी समिति के जिम्मे कर दी। व्यवस्था परिवर्तन के कारण किसानों का जमावड़ा अब सहकारी समिति के कार्यालय में लगना शुरू हो गया है। पूर्व की भांति टोकन व्यवस्था को लागू करने के लिए श्रीकोलायत क्रय-विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष रामदेव मूंड ने राजफैड के अधिकारियों को पत्र लिखा है।

दो नए सेंटर आवंटित : सहकारी समिति के अध्यक्ष रामदेव मूंड ने बताया कि राजफैड की ओर से बुधवार को गौण मण्डी, नापासर सेन्टर आवंटित हुए हैं। यहां खरीद शुरू करने के लिए राजफैड को कार्मिकों की आइडी शुरू करने को लिखा है। जब आइडी मिल जाएगी, दोनों सेन्टरों पर खरीद प्रक्रिया के टोकन दिए जाने शुरू कर दिए जाएंगे। हालांकि नापासर में पांच हजार टोकन की एवज में ११ सौ तथा गौण मण्डी में १७ सौ टोकन पहले ही कट चुके हैं।