
नोखा और पांचू पंचायत समिति की ग्राम पंचायत हिम्मटसर में मनरेगा के जॉब कार्ड में फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के अधिकारियों के दल बुधवार को नोखा और पांचू पहुंचे तथा मामले की जांच शुरू की। वहीं प्रशासन ने प्रारम्भिक जांच में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर सहायक अभियंता और पंचायत प्रसार अधिकारी सहित चार कार्मिकों को निलम्बित कर दिया है।
जिला कलक्टर अनिल गुप्ता ने बताया कि पंचायत समिति नोखा की सहायक अभियंता आराधना शर्मा, नोखा के पंचायत प्रसार अधिकारी आईदाना राम, नोखा पंचायत समिति के कनिष्ठ अभियंता शिवलाल बिश्नोई तथा ग्राम पंचायत हिम्मटसर के ग्राम सेवक एवं पदेन सचिव तख्ताराम को निलंबित किया है। निलंबनकाल के दौरान इनका मुख्यालय जिला परिषद बीकानेर रहेगा।
बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा
जानकारी के मुताबिक पांचू पंचायत समिति के गांव कवलीसर और नोखा पंचायत समिति के गांव हिम्मटसर में जॉब कार्ड की खरीद-फरोख्त व फर्जी तरीके से भुगतान उठाने की शिकायत केन्द्र सरकार के पास पहुंची थी। इसकी वीडियो क्लिप में कुछ ग्रामीण जॉब कार्ड खरीदना और बेचना स्वीकार करते दिखे। साथ ही मनरेगा के तहत बनाए एक आवास में बिना काम किए चार जॉब कार्ड लगाकर भुगतान उठाना बताया गया।
वीडियो क्लिप में सहायक अभियंता आराधना शर्मा के सामने उपस्थित होकर ग्रामीण जॉब कार्ड फर्जीवाड़ा की शिकायत करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। साथ ही नोखा और पांचू पंचायत समिति में इस तरह के फर्जीवाड़े हर ग्राम पंचायत में होने की शिकायत भी मिली है।
अधिकारियों ने डाला डेरा
केन्द्र सरकार से जांच के लिए पहुंचे दल में एमओआरडी के डायरेक्टर धर्मवीर झा, मनरेगा के अपर सचिव एसआर मीणा शामिल हैं। वहीं राज्य सरकार ने भी राजधानी से दो अधिकारियों को जांच के लिए भेजा है। जिला कलक्टर अनिल गुप्ता खुद भी जांच कर रहे हैं।
सभी अधिकारियों ने बीकानेर में डेरा डाला हुआ है। नोखा और पांचू पंचायत समिति की सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत हुए कामों की जांच करेंगे। वे जिलेभर में जॉब कार्ड के माध्यम से हुए काम के भुगतान की फाइलों को भी खंगाल रहे हैं।
Published on:
01 Feb 2018 12:16 pm
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