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राजकीय मुद्रणालय: अगले सप्ताह भेजी जाएंगी मशीनें, भवन भी किया जाएगा हस्तांतरित, देखिये वीडियो

मुद्रणालय में लगी हुई मशीनों में से कुछ मशीनों के जयपुर और जोधपुर मुद्रणालय में भेजने की प्रक्रिया अगले सप्ताह होगी।

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राजकीय मुद्रणालय

बीकानेर . राजकीय मुद्रणालय को बंद करने की कवायद जारी है। मुद्रणालय में लगी हुई मशीनों में से कुछ मशीनों के जयपुर और जोधपुर मुद्रणालय में भेजने की प्रक्रिया अगले सप्ताह होगी। इसकी तैयारियां शुरू हो गई है। अगले सप्ताह निदेशालय से एक टीम के बीकानेर पहुंचकर कुछ मशीनों को शिफ्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।

बताया जा रहा है कि मशीनों को शिफ्ट करने के साथ-साथ बीकानेर राजकीय मुद्रणालय की बिल्डिंग को अभिलेख म्यूजियम बनाने के लिए अभिलेखागार विभाग को हस्तांतरित करने की कार्रवाई भी अगले सप्ताह हो सकती है। बताया जा रहा है कि इसके लिए निदेशालय से एक टीम बीकानेर आएगी, जिसमें दो प्रेस अधीक्षक, एक-एक एएओ और ऑफिस सुपरिटेंडेंट शामिल होंगे। राजकीय मुद्रणालय में लगी हुई मशीनों में से सात मशीनें जयपुर और जोधपुर स्थित राजकीय मुद्रणालय में भेजी जाएगी।

फैक्ट्री पर लगाया ताला, कर्मचारी बाहर
गवर्मेंट प्रेस में कार्यरत कर्मचारियों में से अधिकांश कर्मचारियों को अभिलेखागार और कलक्टर कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर भेजने और दस कार्मिकों का स्थानान्तरण जयपुर-जोधपुर करने के बाद शुक्रवार को प्रेस की फैक्ट्री परिसर पर ताला लगा दिया गया। फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारी जब सुबह 9.30 बजे प्रेस पहुंचे तो उन्हे फैक्ट्री के गेट पर ताला लगा मिला। इस पर उन्होंने रोष जताते हुए ताला लगे गेट के बाहर ही बैठ गए।

'चालू रखना जरूरी'

बीकानेर. कांग्रेस नेता डॉ. बुलाकी दास कल्ला ने कहा है कि राजकीय मुद्रणाल बीकानेर को चालू रखना जरूरी है। उन्होंने बताया कि रियासतकाल से बीकानेर मुद्रणालय का इतिहास रहा है। इसको बंद कर इसके भवन को अन्य विभाग को हस्तांतरित करना गलत है। राज्य सरकार ऐसा नहीं कर सकती है। डॉ. कल्ला ने बताया कि उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव डीबी गुप्ता से

शुक्रवार को बात कर बीकानेर राजकीय मुद्रणालय को बंद नहीं करने और राज्य सरकार के इस निर्णय को रिव्यू करने की बात कही। डॉ. कल्ला ने बताया कि मुख्य सचिव को बताया गया कि एक ओर हाइकोर्ट में मामला चल रहा है और दूसरी और प्रेस फैक्ट्री पर ताला लगाया जा रहा, कर्मचारियों को रिलीव किया जा रहा है। इस पर मुख्य सचिव ने बीकानेर राजकीय मुद्रणालय के मामले को रिव्यू करने की बात कही।

सामान की सुरक्षा जरूरी

मुद्रणालय में कार्यरत अधिकांश कर्मचारी अन्य विभागों और जयपुर-जोधपुर के लिए रिलीव हो गए हैं। फैक्ट्री में काम बंद है। बड़ी मात्रा में सामान पड़ा है। इनकी सुरक्षा जरूरी है। फैक्ट्री के ताला लगा दिया गया है। जो कार्मिक स्टे पर हैं उनको कार्यालय कक्ष में मौजूद एक कमरे में बैठने के लिए कह दिया गया है। सात मशीनें जयपुर और जोधपुर जाएंगी। अगले सप्ताह मशीनों को शिफ्ट करने और बिल्डिंग को हस्तांतरित करने की कार्रवाई संभव है। इसके लिए निदेशालय की टीम आएगी।
जितेन्द्र सिंह भदौरिया, अकाउंटेंट राजकीय मुद्रणालय बीकानेर।

ताला लगाना अनुचित
मुद्रणालय के फैक्ट्री गेट पर ताला लगाना अनुचित है। ग्यारह कार्मिक न्यायालय की शरण में है। प्रतिदिन यहां उपस्थित रहते हैं, इसके बावजूद अकाउंटेंट की ओर से ताला लगाना समझ से परे है। अकाउंटेंट ने ताला खोलने से मना कर दिया है। फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारियों के पास बैठने के लिए कोई अन्य स्थान नहीं है।
प्रेम रतन जोशी, कर्मचारी


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