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पत्रिका एक्सपोज…लाखों टन लाइम स्टोन का अवैध खनन, करोड़ों रुपए के राजस्व की चपत

Patrika Expose: खनन पट्टे की आड़ में अवैध खनन की सीएस को शिकायत पर जांच की खानापूर्ति, अब सीएम को अवगत कराने के बाद भी अधिकारी नहीं कर रहे सही जांच।

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पत्रिका एक्सपोज...लाखों टन लाइम स्टोन का अवैध खनन, करोड़ों रुपए के राजस्व की चपत

पत्रिका एक्सपोज...लाखों टन लाइम स्टोन का अवैध खनन, करोड़ों रुपए के राजस्व की चपत

- जिला प्रशासन की सख्त हिदायत के बाद खनिज विभाग के अधिकारियों के पसीने छूटे

दिनेश कुमार स्वामी

बीकानेर. नोखा के सारूंडा गांव के नजदीक खनन पट्टे की आड़ और खातेदारी भूमि से लाखों टन लाइम स्टोन का अवैध खनन हो गया। लंबे समय से खनन विभाग की मिलीभगत से चल रहे इस खेल की शिकायत पिछले साल सितम्बर में बीकानेर आए मुख्य सचिव की जन सुनवाई में की गई। इसके बाद खनन विभाग ने जांच में लाखों टन खनिज लाइम स्टोन का अवैध खनन होना तो माना लेकिन किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। नोटिस की खानापूर्ति से मामला आगे नहीं बढ़ने पर अब मुख्यमंत्री की जन सुनवाई में यह मामला फिर उठा। इसके बाद भी खनिज विभाग के अधिकारियों ने ठोस कार्रवाई नहीं की तो जिला प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है। इसके बाद से विभाग के अधिकारियों के पसीने छूटे हुए हैं। अवैध खनन करने वालों के बचाव के रास्ते ढूंढे जा रहे हैं।

राजस्थान पत्रिका ने 17 सितम्बर 2021 को अवैध खनन की रिपोर्ट प्रकाशित कर करोड़ों रुपए के राजस्व को चूना लगाने के मामले को उजागर किया था। इसके बाद तत्कालीन मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने मामले की जांच के लिए खनिज विभाग के मुख्य सचिव को भेजा। खनिज अभियंता बीकानेर कार्यालय ने मामले की फौरी जांच कर रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि खनन पट्टा संख्या 18/ 2014 धारक की ओर से 41796.2 मीट्रिक टन लाइम स्टोन का अवैध खनन हुआ है। साथ ही इस खनन पट्टे के आस-पास खातेदारी भूमि से 1 लाख 29 हजार 877 मीट्रिक टन अवैध खनन होना भी माना। जबकि सूत्र बताते हैं कि इससे भी कई गुणा ज्यादा खनन पट्टे की आड़ में अवैध खनन हो गया।

कार्रवाई की खानापूर्ति

अवैध खनन सत्यापित होने के बाद खनन विभाग ने कार्रवाई की खानापूर्ति करते हुए पट्टाधारक और खातेदारों को नोटिस जारी किए। हैरानी की बात है कि करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचाने और लाखों मीट्रिक टन लाइम स्टोन के अवैध खनन के इस मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं बढ़ी।

सीएम से शिकायत के बाद भी नहीं चेते

इस मामले को पिछले दिनों मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बीकानेर में जन सुनवाई के दौरान रखा गया। यह शिकायत भी जिला प्रशासन ने खनिज विभाग को कार्रवाई के लिए भेजी, तो जांच के छह महीने बाद पुराने नोटिसों पर रिमांडर निकाले गए। मामले मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद भी खनिज विभाग के अधिकारी नहीं चेते।

समीक्षा में खुली पोल, अधिकारियों को सख्त हिदायत

मुख्यमंत्री जनसुनवाई के मामलों की जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने बुधवार को समीक्षा की। इसमें अवैध खनन पर खनिज विभाग के गंभीर नहीं होने और कार्रवाई नहीं करने को गंभीरता से लिया गया। जिला कलक्टर ने संबंधित खनन पट्टा साइट का जीपीएस से खनन पिटों के मेजरमेंट और वीडियोग्राफी करने के निर्देश दिए। साथ ही सख्त हिदायत दी कि दो दिन में यह कार्रवाई कर खनिज विभाग रिपोर्ट देगा। इसके बाद खनिज विभाग के अधिकारियों के पसीने छूट गए। पुरानी लीपापोती की कलाई खुलने की आशंका में बुधवार को दिनभर विभाग में खलबली मची रही।

लाइम स्टोन के पट्टे पर मेसनरी स्टोन का स्टॉक

खनिज अभियंता आरएस बलारा ने 22 सितम्बर 2021 को दी मौका रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया कि 18/2014 खनिज लाइम स्टोन के खनन पट्टे पर खनिज मेसनरी स्टोन का स्टॉक मौके पर पड़ा मिला। जबकि डीलर की ओर से ऑनलाइन पर इससे अलग जगह स्टॉक दिखा रखा था। वहां पर स्टॉक नहीं मिला। इससे स्पष्ट हो गया कि लाइम स्टोन का ही खनन करके मेसनरी स्टोन के ट्रांजिस्ट पास की आड़ में बेच रहे थे।