
अवैध गैस रिफिलिंग
बीकानेर . घरेलू गैस सिलेण्डरों की कालाबाजारी कर गैस को ऑटो रिक्शाओं में भरने वाली दुकानें अमरबेल की तरह खुलने लगी है। अनधिकृत रूप से संचालित इन रीफिलिंग सेन्टरों के आसपास कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बेधड़क हो रहे इस गोरखधंधे की ओर संबंधित विभाग के अधिकारियों ने भी आंखें मूंद ली हैं।
लम्बे समय से उसने अवैध गैस रीफिलिंग के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है। सूत्रों की मानें तो शहर में करीब दो हजार ऑटो रिक्शा एलपीजी गैस आधारित मॉडल के हैं। वहीं करीब चार हजार से अधिक ऑटो डीजल चलित बताए जाते हैं।
हादसे से भी नहीं लिया सबक
जिला प्रशासन ने यहां सोनगिरी कुआं क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट से भी सबक नहीं लिया। अनधिकृत रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री हादसे में सात लोग मारे गए थे। शहर में गैस सिलेण्डरों से हो रही अवैध रीफिलिंग भी विस्फोट का कारण बन सकती है।
शहर के बीच चल रही दुकानें
गैस रीफलिंग का अवैध धंधा यहां सोनगिरी कुआं क्षेत्र, जस्सूसर गेट, व्यास कॉलोनी, गजनेर रोड, मुरलीधर, मुक्ता प्रसाद, पुरानी गजनेर रोड, गंगाशहर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर चल रहा है। सूत्रों के अनुसार ऑटो रिक्शा को रिपेयरिंग करने वाले स्थानों पर भी इस प्रकार की गतिविधियां संचालित हो रही है।
दृष्टिबाधित बच्चों को पढ़ाने के तरीकों पर चर्चा
बीकानेर. सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत आयोजित संभाग स्तरीय 10 दिवसीय आवासीय ब्रेल एवं साइन लैंग्वेज प्रशिक्षण का शनिवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण प्रभारी आदूराम मेघवाल ने बताया कि प्रशिक्षण में संभाग के बीकानेर सहित श्रीगंगानगर, झुंझुनूं, हनुमानगढ़,
चुरू और सीकर जिले से आए कुल 50 संभागियों और दक्ष प्रशिक्षकों ने समावेशित शिक्षा के इस प्रशिक्षण में भाग लिया। शिविर व्यवस्थापक धीरज पारीक ने बताया कि डॉ. बीआर अम्बेडकर छात्रावास में आयोजित इस दस दिवसीय प्रशिक्षण में दिव्यांग बालक बालिकाओं की दिव्यांगता और उनको शिक्षा से जोडऩे संबंधित प्रशिक्षण दिया गया।
Published on:
07 Jan 2018 10:12 am
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