
दो सौ करोड़ रुपए से इस नहर का होगा कायाकल्प
लूणाराम वर्मा
महाजन. राजस्थान की मरूगंगा के नाम से प्रसिद्ध इंदिरा गांधी नहर परियोजना की 243 आरडी के बीरधवाल हैड से निकलने वाली कंवरसेन लिफ्ट नहर के आखिरकार अच्छे दिन आ गए है। नहर के कायाकल्प के लिए दो सौ करोड़ की लागत से निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है।
गौरतलब है कि कंवरसेन लिफ्ट नहर को बीकानेर जिले की जीवनदायिनी माना जाता है। इस नहर से श्रीगंगानगर व बीकानेर जिले की हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई होती है साथ ही पेयजल आपूर्ति का भी यह नहर प्रमुख साधन है। परंतु नहर के निर्माण से लेकर आज तक इसकी कभी भी मरम्मत नहीं होने से यह नहर जर्जर होने लगी थी।
नहर की बदहाली को लेकर राजस्थान पत्रिका में कई बार समाचार प्रकाशित हुए। तब जाकर नहर अधिकारियों व सरकार की नींद उड़ी।0 से 459 आरडी तक होगा कायाकल्प-बीरधवाल हैड से नहर की 0 आरडी से लेकर बीकानेर तक नहर की कुल 459 आरडी तक निर्माण कार्य करवाया जाएगा। साथ ही नहर से निकले माइनर व सीधे मोघों की मरम्मत के साथ नहर की कॉलोनियों में साफ सफाई व क्वार्टरों की मरम्मत का काम भी प्रमुखता से होगा।
नहरबंदी की अवधि में होगा अधिकांश कार्य
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नहर के नवीनीकरण का अधिकतर कार्य नहरबंदी के दौरान होगा। इसके लिए संबंधित ठेकेदारों ने प्लांट लगाने सहित अन्य तैयारियां कर ली है। 112 आरडी से 172 आरडी तक निर्माण करने वाली फर्म के कर्मचारियों ने बताया कि 35 दिन में काम पूर्ण करने की कोशिश रहेगी।
एक फीट तक ऊंची उठेगी नहर
नहर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य के तहत नहर एक फीट ऊंची उठेगी। साथ ही मशीनों से पूरी नहर का नवीनीकरण होगा। नहर के पैंदे व साइड में मशीनों से एक समान निर्माण सामग्री लगाकर नया रूप दिया जाएगा। इस कार्य के लिए दो सौ करोड़ का बजट जारी हो रखा है। नहर एक फीट ऊंची करने व निर्माण हो जाने से पानी की क्षमता बढ़ जाएगी। जिससे नहर के टेल तक पर्याप्त सिंचाई व पीने के पानी की आपूर्ति हो सकेगी।
महाजन कार्यालय के अधीन है नहर का आधा हिस्सा
महाजन में स्थित नहर विभाग के सहायक अभियंता कार्यालय के अंतर्गत इस नहर का आधा हिस्सा आता है। नहर की 0 आरडी से लेकर 227 आरडी तक महाजन कार्यालय लगता है। जिससे जाहिर है कि सबसे ज्यादा निर्माण कार्य महाजन सहायक अभियंता कार्यालय के अंतर्गत होगा।ऐसे पड़ा कंवरसेन नाम-कंवरसेन बीकानेर स्टेट के पहले चीफ इंजिनियर थे। उन्हें भारत सरकार ने 1956 में पदम विभूषण से सम्मानित किया था।
उस समय बीकानेर रियासत में पीने के पानी की भारी तंगी थी। उन्हीं की देखरेख में गंग कैनाल व इस लिफ्ट नहर की योजना बनी। बीकानेर क्षेत्र ऊंचाई पर बसा था। जिसके लिए पानी को काफी ऊंचाई तक लिफ्ट करना जरूरी था। कंवरसेन की देखरेख में 1970 में इस नहर का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। अक्टूबर 1975 में राजियासर में प्रथम पंपिंग स्टेशन से 58 फीट पानी उठाया गया। उन्हीं के अथक प्रयासों के कारण नहर का नाम कंवरसेन रखा गया।
इनका कहना है
कंवरसेन लिफ्ट नहर के नवीनीकरण के लिए करीब दो सौ करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। टेंडर व अन्य प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। नहरबंदी के दौरान काम पूरा करवाने की कोशिश है। नहर को एक फीट तक ऊंचा किया जाएगा। जिससे पानी की क्षमता बढ़ेगी व टेल तक पर्याप्त पानी मिलेगा।
ललित स्वामी, सहायक अभियंता नहर कार्यालय महाजन।
Published on:
05 Mar 2023 01:55 am
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