
इंदिरा गांधी नहर के द्वितीय चरण में बीकानेर एवं जैसलमेर के काश्तकारों को निर्धारित वरीयता का पूरा पानी नहीं मिल रहा है। नहर के प्रथम चरण के काश्तकारों की मांग के चलते अभी चार में से दो समूहों में पानी चलाया जा रहा है और पूरा पानी दिया जा रहा है। वहीं गंग नहर में वरीयता का निर्धारित 16 सौ क्यूसेक के बदले 26 सौ क्यूसेक पानी चलाया जा रहा है।
यहां एक हजार क्यूसेक पानी ज्यादा दिया जा रहा है, जबकि इंदिरा गांधी नहर के द्वितीय चरण में निर्धारित से एक हजार क्यूसेक पानी कम मिल रहा है। इससे द्वितीय चरण की टेल तक निर्धारित वरीयता का पानी नहीं मिलता है। इंदिरा गांधी नहर में अभी चार समूह बनाकर दो समूहों में पानी चलाया जा रहा है। दो समूहों में नहरें चलाने के लिए 10 हजार 440 क्यूसेक पानी राजस्थान फीडर में दिया जा रहा है।
इसमें से बीकानेर को 24 सौ क्यूसेक तथा जैसलमेर को 18 सौ क्यूसेक पानी निर्धारित है, जबकि बीकानेर को 22 सौ क्यूसेक तथा जैसलमेर को एक हजार क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। पंजाब गंग नहर को ज्यादा दे रहे पानी की इंदिरा गांधी नहर में कटौती कर रहा है। इस मनमानी को लेकर कोई आवाज नहीं उठा रहा। अभी फसलों में पानी की मांग बढऩे से इस कटौती का द्वितीय चरण पर विपरीत असर हो रहा है।
गणना रिपोर्ट पंजाब के पास
नहरों में दिए जा रहे पानी की गणना रिपोर्ट पंजाब के पास रहती है। गंग नहर पर पंजाब के लोगों या उनके रिश्तेदारों की जमीन है। अगर यह मुद्दा उठाया जाता है तो पंजाब पानी कम कर देगा और शेष पानी राजस्थान फीडर को नहीं देगा। इस कारण इस मुद्दे पर सरकार सहित अन्य स्तरों पर सभी चुप्पी साधे हुए हैं।
तीन में से एक समूह में चलेंगी नहरें
अभी वरीयता में चार में से दो समूह चलाए जा रहे हैं। जैसलमेर को 1800 क्यूसेक के बदले 1000 क्यूसेक तथा बीकानेर को 2400 क्यूसेक के बदले 2200 क्यूसेक पानी मिल रहा है। द्वितीय चरण को एक हजार क्यूसेक पानी कम मिल रहा है। इससे टेल वाली नहरें प्रभावित हो रही हैं। गंग नहर को ज्यादा पानी मिलना प्रथम चरण का मामला है। अब 7 जनवरी से 16 मार्च तक 3 में से 1 समूह में नहरें चलाई जाएंगी।
विनोद मित्तल, अतिरिक्त मुख्य अभियंता (रेग्यूलेशन), बीकानेर
Published on:
27 Dec 2017 12:10 pm
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