
राजस्थान हाईकोर्ट ने बीकानेर जिले की कोलायत तहसील के गांवों में राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा अधिनियम-2013 के अनुसार खाद्यान्न उपलब्ध नहीं होने व वितरण में धांधली के आरोपों के चलते दायर एक जनहित याचिका की अगली सुनवाई पर 27 नवंबर को बीकानेर डीएसओ को तलब किया है।
ये आदेश न्यायाधीश गोविंद माथुर व न्यायाधीश विनीत माथुर की खंडपीठ ने बीकानेर निवासी सहीराम पूनिया व फकीर चन्द्र व्यास की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई में दिए।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता प्रेमेन्द्र बोहरा ने कहा कि कोलायत तहसील के गांवों में राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा अधिनियम-2013 के अनुसार खाद्यान्न वितरण नहीं हो रहा है।
पिछले चार साल से अधिक समय से हो रहे इस घोटाले की शिकायत कई बार जिला प्रशासन से की गई। यहां तक कि पिछले छह माह से जिला कलक्टर ऑफिस के बाहर धरना दिया जा रहा है, फिर भी सुनवाई नहीं हो रही। इससे निराश होकर ग्रामीणों ने केन्द्रीय खाद्य सुरक्षा भ्रष्टाचार उन्मूलन संघर्ष समिति के संयोजक सहीराम पूनिया व सर्वहितकारी वरिष्ठ नागरिक मंच के अध्यक्ष फकीरचन्द्र व्यास के माध्यम से जनहित याचिका दायर की गई है।
दो डीलर्स के लाइसेंस निरस्त
हालांकि पहले से इस मामले में जारी नोटिस के जवाब में सरकार की ओर से कहा गया कि उन्होंने इस मामले में लिप्त पाए जाने पर कोलायत तहसील के गांवों में दो डीलर्स के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं, लेकिन खंडपीठ इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुई व खाद्यान्न में हेराफेरी के बारे में जवाब तलब करने के लिए बीकानेर डीएसओ को तलब किया।
न्यायालय ने खारिज किया स्थगन प्रार्थना पत्र
क्षत्रिय सभा के अध्यक्ष चुनाव को लेकर चल रहा विवाद न्यायालय तक पहुंच चुका है। अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव को लेकर मांगू सिंह बनाम बजरंग सिंह के मामले में न्यायालय ने स्थगन प्रार्थना पत्र अस्वीकार कर खारिज किया है।
मामले के अनुसार कुछ समय पहले हुए चुनावों में निर्वाचित अध्यक्ष मांगू सिंह पुत्र जोरावर सिंह निवासी इन्दिरा कॉलोनी बीकानेर ने बजरंग सिंह शेखावत निवासी गोगामेडी जिला हनुमानगढ़ के विरुद्ध सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष स्थगन प्रार्थना पत्र पेश हुआ था।
जिस पर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दिए आदेश में मांगू सिंह की ओर से पेश स्थगन प्रार्थना पत्र को अस्वीकार कर खारिज कर दिया। बजरंग सिंह शेखावत अध्यक्ष की ओर से पैरवी एडवोकेट हरि नारायण सारस्वत व एडवोकेट आनन्द बजाज ने की। उधर मांगू सिंह ने कहा कि वे न्याय के लिए सेशन कोर्ट का सहारा लेंगे।
यह था मामला
राजपूत क्षत्रिय सभा अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में चुनाव अधिकारी ने अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तुत 9 उम्मीदवारों के नामांकन हुए थे। चुनाव अधिकारी ने सभा के एक नियम का हवला देकर मांगूसिंह को छोड़कर अन्य आठ उम्मीदवारों के नामांकन खारिज कर दिए।
एेसे में मांगू सिंह को अध्यक्ष घोषित करवा दिया। जिस पर समाज के कुछ लोगों ने विरोध कर आमसभा में क्षत्रिय सभा का अध्यक्ष बजरंग सिंह को घोषित कर दिया। मांगू सिंह ने बजरंग सिंह को बतौर अध्यक्ष कार्य करने से रोकने बाबत स्थगन प्रार्थना पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
Published on:
04 Nov 2017 01:23 pm
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