
Irrigation water
महाजन. क्षेत्र के ग्रामीण अंचल में बारिश की कमी व नहरों में भी सिंचाई पानी नहीं चलने से फसलें दम तोडऩे लगी है। मौसम की प्रतिकूलता के साथ समय पर सिंचाई नहीं होने से नरमे की फसल में कई रोग लगने से किसान परेशान है। गौरतलब है कि महाजन क्षेत्र में नहरों व कृषि कुओं से सिंचित खेतों में किसानों ने इस बार मूंगफली की परम्परागत खेती से हटकर नवाचार कर नरमे की बुवाई बम्पर मात्रा में की थी।
काश्तकार सुरजीत धतरवाल ने बताया कि गत करीब १५ दिन से नहर में सिंचाई पानी नहीं चलने व सावण माह में अच्छी बारिश नहीं होने से अब फसल नष्ट होने लगी है। दिन में तेज गर्मी से नरमा खराब हो रहा है। किसानों के अनुसार यह फाळ लगने से समय होने से फसल को पानी की सर्वाधिक आवश्यकता है। एक तरफ जहां नहर में पानी नहीं है।
वहीं दूसरी तरफ बारिश भी नहीं हो रही। किसानों ने बताया कि पानी नहीं लगने से दीमक का प्रकोप भी भूमि में बढऩे से बड़ी संख्या में नरमें के पौधे नष्ट हो रहे है। किसानों की माने तो नरमे पर फाळ तो भरपूर लगा है परन्तु पानी की कमी साफ नजर आ रही है। सतवीर यादव, मोहननाथ आदि ने बताया कि कृषि कुओं पर समय-समय पर सिंचाई होने से नरमा अच्छा नजर आ रहा है।
नगरासर व मंडाल चारनान में निविदा प्रक्रिया रद्द
बज्जू. नगरासर गांव में ग्रामीणों की शिकायत के बाद सामग्री क्रय निविदा को जिला परिषद कार्यालय के आदेशानुसार रद्द कर दिया गया है। ग्रामीणों ने पिछले दिनों जिला प्रशासन से ग्राम सेवक की शिकायत कर निविदा में पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए पंचायत से गायब रहने की बात कही थी।
मंगलवार को जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजीत सिंह ने विकास अधिकारी कोलायत को पत्र प्रेषित कर नगरासर व मण्डाल चारनान में राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता नियमों की अवहेलना की शिकायत के आधार पर निविदा को रद्द के आदेश जारी किए विदित रहे कि इस सबंध में राजस्थान पत्रिका ने समाचार का प्रकाशन कर ग्रामीणेां का समस्या को रखा था।
Published on:
22 Aug 2018 11:31 am
