
आठ साल की बिटिया के चेहरे पर कभी माता-पिता के घर जाने की चमक दिखती है तो कभी अपनी सहेलियों से दूर होने की उदासी। यह बिटिया बालिका गृह में रह रही है। उसे एक दिन पहले ही बताया गया कि इटली से उसके माता-पिता (गोद ले रहे है) लेने आ रहे है। वह जन्म के कुछ समय बाद से ही बालिका गृह में रह रही है।
होश संभाला तब से इसे ही अपना घर और स्टाफ व अन्य बालिकाओं को परिवार मानती है। वह बालिका गृह में काम करने वालों को भी अपने हिसाब से रिश्तों के नाम से बुलाती है। इस बेटी को इटली की दम्पती ने गोद लिया है। जो गोद लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब उसके वीजा और अन्य कागजात की पूर्ति में लगे हुए है।
संभवत: वह अपने नए देश इटली के घर में ही इस बार दीपावली मनाएगी। उसे गोद लेने वाले दम्पती ने बेटी के लिए पूरी तैयारी कर रखी है। उसके लिए इटली में अपने घर में एक कमरा सजाकर तैयार कराया है। भाषा आदि की दिक्कत नहीं आए इस लिए द्विभाषी काउंसलर की व्यवस्था भी कर रखी है। वह अभी यहां बीकानेर में ही पढ़ रही है। अब आगे की पढ़ाई उसकी इटली में ही होगी।
अभी बालिका गृह में उसकी साथी बलिकाओं को ज्यादा बताया नहीं गया। फिर भी उसकी सहेलियों को आभास है कि उन्हें अब दूर होना है। वह इस बात से जरूर खुश है कि माता-पिता मिल गए और अपने घर जा रही है। वह अब अपनी नई जिंदगी की पारी की शुरुआत करने जा रही है।
दपंती पूर्व में भी भारत से ले चुका है बालक गोद
ज्ञात हो कि इटालियन दंपती ने वर्ष 2011 में दुर्गापुर (कोलकाता) के मिशनरी आश्रम से एक अनाथ बच्चे 'सूर्याÓ को गोद ले रखा है। अब परिवार पूरा करने के लिए एक लड़की गोद लेना चाहते हैं। इन्होंने दत्तक बच्ची के लालन-पालन के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
Published on:
21 Sept 2017 09:17 am
बड़ी खबरें
View Allबीकानेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
