13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रियासतकाल में बना बीकानेर का जूनागढ़ किला अपनी भव्यता एवं एेतिहासिकता के लिए विश्व प्रसिद्ध

रियासतकाल में बना बीकानेर का जूनागढ़ किला अपनी भव्यता एवं एेतिहासिकता के लिए विश्व प्रसिद्ध है।

2 min read
Google source verification
Junagadh Fort

Junagadh Fort

विमल छंगाणी/बीकानेर. रियासतकाल में बना बीकानेर का जूनागढ़ किला अपनी भव्यता एवं एेतिहासिकता के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इसके महलों और गलियारों में की कारीगरी और चित्रकारी सभी को आकर्षित करती है। वहीं किले में एक मंदिर भी है, जिसमें ७५३ हिन्दू देवताओं की मूर्तियां रखी हुई हैं। ये मूर्तियां करीब सवा तीन सौ साल पहले दक्षिण भारत से लाई गई थी। इनकी रोजाना पूजा-अर्चना और आरती की जाती है।

बीकानेर रियासत के पूर्व महाराजा अनूपसिंह (शासनकाल १६६९-१६९८) ने दक्षिण भारत में रहते हुए सर्वधातु की बनी इन मूर्तियों को बचाया और इन्हें बीकानेर पहुंचा दिया। इन सभी मूर्तियों को जूनागढ़ के एक कक्ष में सुरक्षित रखा गया है। यह स्थान तैंतीस करोड़ देवताओं के मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। गौरीशंकर हीराचंद ओझा की पुस्तक 'बीकानेर का इतिहासÓ में इस मंदिर और अनूपसिंह के दक्षिण भारत में रहते इन मूर्तियों को बीकानेर भेजने का उल्लेख है।

जूनागढ़ किला के प्रबंधक कर्नल देवनाथ सिंह बताते हैं कि विभिन्न मुद्राओं वाली सर्वधातु से बनी इन मूर्तियों का आकार चार इंच से लेकर करीब दो फीट तक है। इनमें नाग देवता, सोलह भुजाओं वाले विष्णु भगवान, भूदेवी, नन्दी, शिव, कूर्म अवतार, सरस्वती, त्रिपुरा, राम, पार्वती, हनुमान, शिव-पार्वती, वर्धराजा, श्रीदेवी, महिषासुर मर्दिनी, षष्टगौरी, पंचगौरी, विष्णु गोपाल, जगद्गुरू शंकराचार्य, शिवलिंग, गणपति, गौरी, गरुड़ सहित सैकड़ों मूर्तियां है। सभी मूर्तियां पुरातत्व विभाग में पंजीकृत है।

मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं
प्रबंधक कर्नल देवनाथ सिंह ने बताया कि पूर्व राजपरिवार के पंडि़त इन मूर्तियों की पूजा करते हैं। जूनागढ़ किले की भव्यता और एेतिहासिकता को देखने रोजाना देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं, लेकिन प्राचीन एवं बहुमूल्य मूर्तियों की सुरक्षा को देखते हुए किसी को भी मंदिर में प्रवेश और मूर्तियों के दर्शन की अनुमति नहीं है।

बदले हवलदार और सिपाही
बीकानेर. जिला पुलिस ने विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। शांतिपूर्ण चुनाव कराने के उद्देश्य से आइजी और पुलिस अधीक्षक ने फिल्डिंग जंचानी शुरू कर दी है। सीआई, उपनिरीक्षकों के बाद पुलिस अधीक्षक ने थानों के १२८ हवलदार और सिपाहियों को इधर-उधर किया है। पुलिस अधीक्षक सवाईसिंह गोदारा ने आदेश में ३३ हैडकांस्टेबल, ८७ सिपाही और आठ वाहन चालक सिपाहियों के तबादले किए हैं।

वर्षों से जमे थे थाने में

पुलिस अधीक्षक के तबादला आदेश में ऐसे कई हवलदार और सिपाहियों का तबादला किया है, जो वर्षों से एक ही थाने में जमे थे। इनमें कुछ पुलिसकर्मियों पिछले दिनों लाइन हाजिर भी किया गया था।