
शाम को छतों पर पतंगबाजी का लुत्फ उठा रहे शहरवासी
बीकानेर. कोरोना वायरस के कारण शहरवासी पूरे दिन घरों में बैठने के बाद शाम को पतंबाजी का लुत्फ उठा रहे है। शहर में आमतौर पर बीकानेर की स्थापना दिवस व अक्षय तृतीया से कुछ दिन पहले ही पतंगे उड़ाने का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो अक्षय तृतीया को शाम तक जारी रहता है। सरकार ने कोरोना वायरस के कारण एवाइजरी व लॉक डाउन के बाद लोगों घरों में बैठे रहते है। टीवी और मोबाइल के साथ ही शहरवासी समय काटने के नए तरीके को लेकर पतंगबाजी शुरू की है।
अलसुबह से ही पतंगे उड़ाने का सिलसिला शुरू जो तेज धूप नहीं होने तक रहता है। फिर शाम को पांच बजे के बाद लोग अपनी छतों पर चढ़ जाते है और अंधेरा होने तक पतंगबाजी करते रहते है। इससे शाम को छतों पर रौनक होने लगती है। पतंगबाजी के चलते पतंग और मांझे का कारोबार करने वालो की चांदी हो गई है। बीकानेर में बरेली, कानपुर, अहमदाबाद और जयपुर आदि जगहों से मांझा व पतंगे बिकने के लिए आती है।
Published on:
26 Mar 2020 06:44 am
