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तीन दशक बाद शिष्यों ने किया गुरु का अभिनंदन, जीवंत हुई गुरु-शिष्य परंपरा

धरणीधर ऑडिटोरियम में आयोजित ‘गुरु वंदन-अभिनंदन’ कार्यक्रम में 30 वर्ष पूर्व दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले पूर्व विद्यार्थियों की ओर से अपने पूर्व शिक्षक एवं अंक और अंग ज्योतिष विशेषज्ञ डॉ. कुमार गणेश का नागरिक अभिनंदन किया गया।
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अंक एवं अंग ज्योतिष डाॅ. कुमार गणेश का किया सम्मान

अंक एवं अंग ज्योतिष डाॅ. कुमार गणेश का किया सम्मान

तीन दशक पहले जिन गुरु ने विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा के साथ जीवन की राह दिखाई, उन्हीं शिष्यों ने वर्षों बाद एकजुट होकर अपने शिक्षक का सम्मान किया। धरणीधर ऑडिटोरियम में आयोजित ‘गुरु वंदन-अभिनंदन’ कार्यक्रम में 30 वर्ष पूर्व दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले पूर्व विद्यार्थियों की ओर से अपने पूर्व शिक्षक एवं अंक और अंग ज्योतिष विशेषज्ञ डॉ. कुमार गणेश का नागरिक अभिनंदन किया गया। इस पहल ने गुरु-शिष्य परंपरा की उस आत्मीयता को फिर जीवंत कर दिया, जिसमें वर्षों बाद भी शिष्य अपने गुरु के योगदान को नहीं भूलते।

कार्यक्रम श्री ब्रह्म गायत्री सेवाश्रम के अधिष्ठाता दाताश्री पंडित रामेश्वरानंद के सान्निध्य में आयोजित हुआ। महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित ने कहा कि वर्तमान दौर में गुरु-शिष्य संबंधों को मजबूत करने वाले ऐसे आयोजन बेहद प्रासंगिक हैं। समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि बीकानेर में शिष्य परंपरा के प्रतिनिधियों की ओर से अपने शिक्षक को दिया गया यह सम्मान अमूल्य है। स्वागताध्यक्ष आनंद जोशी ने कहा कि डॉ. कुमार गणेश सहित सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को एक सांचे में ढालने का कार्य किया और उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह संयोजक डॉ. हरिशंकर आचार्य ने अभिनंदन पत्र का वाचन किया। उन्होंने कहा कि ‘गुरु वंदन-अभिनंदन’ की यह श्रृंखला पूरे वर्ष जारी रहेगी और क्रमवार पूर्व शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। समारोह में डॉ. कुमार गणेश को साफा, शॉल, अभिनंदन पत्र, स्मृति चिह्न और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।