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गरीब के राशन में घोटालों की गांठ: अपने ही डालते रहे शिकायतों पर पर्दा

घोटाले उजागर नहीं हों, इसके लिए वे न तो शिकायतों की समय पर जांच करते और ना ही उनसे जुड़ी शिकायतों को सार्वजनिक करते।
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बीकानेर

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dinesh kumar swami

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Updated: 8 Oct 2017, 8:48 AM IST

Ration distribution scam

बीकानेर . राशन वितरण की धांधली पर रसद विभाग के अधिकारी ही पर्दा डालते रहे। घोटाले उजागर नहीं हों, इसके लिए वे न तो शिकायतों की समय पर जांच करते और ना ही उनसे जुड़ी शिकायतों को सार्वजनिक करते। सूचना के अधिकार कानून से जुड़े दस्तावेज देने में भी अधिकारी आनाकानी करते रहे।

यही कारण रहा कि करोड़ों रुपए के तथाकथित घोटालों के बावजूद विभाग के अधिकारियों ने कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की। जयपुर मुख्यालय की ओर से गठित जांच दल ने अनियमितताओं से जुड़े अहम दस्तावेजों के खुलासे किए तो विभाग के अधिकारियों की पोल खुलने लग गई।

आंख मूंदकर आवंटन
जांच में सामने आया कि लूणकरनसर सहित विभिन्न तहसीलों में विभाग के अधिकारियों ने आंख मूंदकर उचित मूल्य दुकानदारों को हजारों क्विंटल राशन का आवंटन कर दिया, जबकि वे इतनी बड़ी मात्रा में राशन पाने के हकदार नहीं थे। बताया जाता है कि राशन वितरण को कागजों में चलाने के लिए अधिकारियों की सांठगांठ के चलते ये सारे काम हुए हैं।

हालांकि जांच अधिकारियों ने इस संबंध में अभी तक पुष्टि नहीं की है, लेकिन विभाग के अधिकारियों को पूर्व में एेसी दर्जनों शिकायतें लोगों ने नामजद दर्ज करवाई थी। पत्रिका में प्रकाशित खबरों के बाद जांच दल को विभिन्न गांवों और शहरी क्षेत्र के लोग राशन वितरण से जुड़ी अनियमितताओं के दस्तावेज सौंप रहे है।

दिनभर खंगालते रहे दस्तावेज
जयपुर मुख्यालय के निर्देश पर नौ अधिकारियों के दल ने शनिवार को दिनभर रसद विभाग की फाइलों और आमजन से मिलने वाली शिकायतों के दस्तावेज खंगाले। सूत्रों की मानें तो जांच दल में शामिल अधिकारियों को विभाग के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइलें नहीं मिली है। पिछले महीने मिली शिकायतों को नजरअंदाज करते हुए विभाग के अधिकारियों ने ही

जिला कलक्टर को स्पष्टीकरण देते हुए पोस मशीन से सौ फीसदी राशन बंटने और सभी उपभोक्ताओं तक राशन की पहुंच होने का लिखित में जवाब दिया था। अब जांच में सामने आया कि राशन वितरण व्यवस्था के तहत उचित मूल्य दुकानदारों ने मृत व्यक्तियों के नाम पर भी राशन उठा लिया था। इतना ही नहीं अधिकतर राशन कार्डों में फर्जी आधार कार्ड लिंक कर राशन का उठाव करने के मामले भी सामने आए हैं।