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महायज्ञ: रिद्धि-सिद्धि का दाता है गायत्री पुरश्चरण मंत्र

यहां पारीक मोहल्ले में गायत्री मंदिर में विश्व कल्याण गोरक्षार्थ गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ का आयोजन चल रहा है।

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maha yagya

महायज्ञ

नापासर. यहां पारीक मोहल्ले में गायत्री मंदिर में विश्व कल्याण गोरक्षार्थ गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ का आयोजन चल रहा है। इसमें श्रद्धालु सुबह से शाम तक पंडित किशनलाल जोशी के सानिध्य में गायत्री पुरश्चरण मंत्र का जाप कर रहे हैं। शनिवार को संवित् स्वामी सोमगिरि ने गायत्री पुरश्चरण मंत्र की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि ब्रह्मा गायत्री में 24 अक्षर होते हैं।

अत: गायत्री के एक पुरश्चरण में 24 लाख गायत्री का जप करना होता है। पुरश्चरण के अनेक नियम हैं। 24 लाख जप जब तक पूरा न हो जाए बराबर नियम पूर्वक 3 हजार गायत्री का जप किए जाओ। इस तरह अपने मानस रूपी दर्पण का मल हटाकर आध्यात्मिक बीज बोने के लिए खेत तैयार करो। शुद्ध मन वाले अथवा योगभ्रष्ट मनुष्यों को एक ही पुरश्चरण करने से गायत्री के दर्शन हो सकते है।

इस कलिकाल में अधिकांश लोगों के मन कलुषित होते है। अत: कलुषता की मात्रानुसार एक से अधिक पुरश्चरणो के करने से सफलता मिलती है। जितना अधिक मन मैला होगा उतने ही पुरश्चऱण करने होंगे। स्वामी सोमगिरि ने कहा कि गायत्री पुरश्चरण आस-पास के वातावरण को शांत और सात्विक करने वाला तथा रिद्धि.सिद्धि प्रदान करने वाला है। गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ 26 फरवरी तक होगा।

संकीर्तन फेरी आज
देशनोक. कस्बे में रविवार को संकीर्तन प्रभात फेरी कार्यक्रम का आयोजन होगा। सत्संग समिति के ओमप्रकाश मूंधड़ा ने बताया कि प्रभात फेरी रविवार सुबह 6.30 बजे करणी गोशाला से रवाना होकर करणी मंदिर, भूरा रोड, हीरावत, सुनार दूगड़ मोहल्ला, तेमड़ाराय मंदिर, बड़ा गुवाड़ होते हुए सदर बाजार के रास्ते करणी विभिन्न मांगों से होकर गोशाला पहुंचकर प्रसाद के साथ पूरी होगी।

जयसिंहदेसर मगरा. गांव के गुरु जम्भेश्वर मंदिर में चल रही जम्भवाणी हरिकथा में शनिवार को हवन के बाद पूर्णाहुति हुई। इससे पहले स्वामी कृष्णानंद, स्वामी रामकिसन व स्वामी रामाकिसन ने हवन करवाया व आहुतियां दिलवाई तथा क्षेत्र में सुख समृद्धि की कामना की गई।

इसमंे ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया। कथा में श्रद्धालुओं व संतों के भोजन प्रसादी की व्यवस्था जिला कांग्रेस अध्यक्ष जगदीशचंद्र खीचड़ ने की। कथा ग्रामीणों के सहयोग से करवाई गई।