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बैठक: एसीईओ के सामने सरपंचों ने दिखाए तेवर, समस्याएं बताई

राज्य सरकार की ग्राम पंचायत स्तर की योजनाओं व केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में कराए गए विकास कार्यों की समीक्षा की गई।
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नोखा. नोखा पंचायत समिति सभागार में शुक्रवार को नोखा ब्लॉक के सरपंच और ग्रामसेवकों की बैठक हुई, जिसमें राज्य सरकार की ग्राम पंचायत स्तर की योजनाओं व केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में कराए गए विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में एसीईओ प्रतिभा ने ग्राम पंचायत में अधूरे विकास कार्यों को जल्द पूरा कराने की बात कही। इस पर सरपंच एसोसिएशन के समन्वयक सवाईसिंह चरकड़ा ने कहा कि अधिकारी उसमें तकनीकी गड़बड़ी बताकर काम रुकवा देते है।

अधिकारी दिक्कत पैदा करेंगे तो विकास कार्य कैसे पूरे होंगे? सरपंच गणपत बिश्नोई ने कहा कि गांवों में पशु शेड बनाने के लिए पुराने मॉडल स्टीमेट के हिसाब से तो उसमें छह गाय-भैंस आ नहीं सकती है। जबकि नए निर्देश जारी किए हैं, उसमें छह गाय-भैंस आनी जरुरी है। एसीईओ ने मनरेगा २०१५-१६ के तहत श्रमिकों को बकाया भुगतान कराने के लिए उनके बैंक खाते नंबर भिजवाने की बात कही।

इस पर सरपंचों ने कहा कि उन्होंने कई बार श्रमिकों के खाता नंबर दे दिए हैं। इसके बावजूद भी बकाया भुगतान नहीं हो रहा है। एसीईओ ने सरपंचों की समस्याओं को सुनने के बाद यथासंभव समाधान कराने की बात कही। बीडीओ विनेश कुमार ने पीएम आवासों में भौतिक सत्यापन कराने, ग्राम सेवकों को सात दिन में योजनाओं की जानकारी पूरी कर भिजवाने के निर्देश दिए।

तो स्वीकृति कैसे
सलूण्डिया सरपंच जयपाल पूनिया ने मुख्यमंत्री की फोटो छपे एक पत्र को दिखाते हुए कहा कि इसमें लाभार्थी को शौचालय बनाने पर १२ हजार रुपए प्राप्त करने की बात कही है। जबकि इसकी वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं कर रहे हैं। जवाब में बीडीओ ने कहा कि जब जिला ओडीएफ हो गया तो फिर स्वीकृति कैसे जारी की जा सकती है। इस पर सरपंच ने कहा कि लाभार्थी को पैसा नहीं मिलेगा, तो गांव में तो हम ही चोर कहलाएंगे।

भिजवाएं पुराना रिकॉर्ड
बैठक में बीडीओ ने कहा कि कुछ ग्राम पंचायतों में पट्टा गड़बड़ी करने, भुगतान अनियमितता और फर्जीवाड़ा होने की शिकायतें लंबित है। उन ग्रामसेवकों द्वारा ग्राम पंचायतों का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। मैनसर, बैरासर, लालमदेसर बड़ा, सोमलसर, मेघासर, सूडसर, सोमलसर, बीकासर, सूडसर, मुकाम, लालासर, साधासार, बागड़ा, सूडसर, बिलनियासर, झाड़ेली, बीकासर, हिम्मटसर, अणखीसर, गजरुपदेसर, थावरिया आदि ग्राम पंचायतों के ग्राम सेवकों को पुराना रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

तीन साल से नहीं हुआ भुगतान
सिंजगुरु सरपंच दुर्गा कंवर ने कहा कि नरेगा श्रमिक गंगा देवी को तीन साल से भुगतान नहीं मिला है। वह पैसा लेने के लिए चक्कर काट रही है। जबकि सभी दस्तावेज पूर्ण है।

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