
पीबीएम अस्पताल
बीकानेर . शहर में स्वाइन फ्लू के बाद श्वांस की तकलीफ से संबंधित एक और रोग से लोग पीडि़त हो रहे हैं। इस रोग से पीडि़त लोग रोजाना पीबीएम अस्पताल पहुंच रहे है। इस नए प्रकार के रोग के वायरस से अभी चिकित्सक भी अनजान नजर आ रहे हैं। हालांकि इस रोग से पीडि़त लोग उचित उपचार के बाद पूर्ण स्वस्थ हो रहे हैं, लेकिन इस नए रोग ने चिकित्सकों को चिंता में डाल दिया है।
मेडिसिन आईसीयू में पांच भर्ती
पीबीएम की मेडिसिन आईसीयू में वर्तमान में पांच मरीज भर्ती हैं। इनकी जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू नेगेटिव आ रहा है, लेकिन उन्हें फेफड़ों में तकलीफ के साथ श्वांस में भी दिक्कत हो रही है। कुछ इस तरह की बीमारी से ग्रसित एक महिला के परिजन उसे दो दिन पूर्व यहां से डिस्चार्ज करवाकर जयपुर के एक निजी अस्पताल में ले गए।
हर दिन बढ़ रहा आंकड़ा
पीबीएम अस्पताल में बुखार, खांसी व जुकाम पीडि़तों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। मरीजों से पीबीएम के मेडिसिन वार्ड फुल हैं। कई मरीजों में डेंगू के लक्षण हैं, लेकिन रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. वीबी सिंह के मुताबिक लोग वायरल की चपेट में आ रहे हैं।
नए वायरस से चिकित्सा जगत परेशान
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार नए वायरस के सक्रिय होने से चिकित्सा जगत परेशान है। वर्तमान में आ रहे श्वांस में तकलीफ वाले सभी लोग स्वाइन फ्लू की चपेट में नहीं हैं। यह भी एक तरह से मौसमी बीमारी का वायरस है, जो कुछ समय पहले ही सक्रिय हुआ है। इस वायरस का पता लगाने के लिए रिसर्च की जा रही है।
घबराएं नहीं, इलाज कराएं
- श्वांस में तकलीफ होने पर चिंता नही करें।
- श्वांस में तकलीफ, खांसी-जुकाम हो तो जरूरी नहीं कि स्वाइन फ्लू हो।
- समय पर उपचार जरूरी है।
- इलाज में देरी नुकसानदायक हो सकती है।
90 प्रतिशत लोग ठीक हो जाते हैं
इन दिनों लोग एआरडीएस वायरस की चपेट में आ रहे हैं। इनमें स्वाइन फ्लू जैसे लक्ष्ण दिखाई देते हैं, लेकिन यह स्वाइन फ्लू नहीं है। यह कोई नया वायरस है, जिसका पता करने में चिकित्सा जगत लगा हुआ है। इसकी चपेट में आने वाले ९० प्रतिशत लोग बिल्कुल ठीक हो जाते हैं।
डॉ. बीके गुप्ता, प्रभारी, मेडिसिन आईसीयू पीबीएम अस्पताल
Published on:
29 Nov 2017, 10:00 AM IST
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