8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

न्यू ईयर कार्निवल में मौसमी उत्पादों को लेकर उत्साह

मौसम सर्द होने से लोग ऊनी वस्त्रों की स्टाल में अपनी पसंद के कपड़े खरीदते नजर आए।

2 min read
Google source verification
New Year Carnival

राजस्थान पत्रिका की ओर से शहरवासियों के लिए आयोजित न्यू ईयर कार्निवल के पांचवें दिन सार्दुल क्लब मैदान पर बड़ी संख्या में पहुंचे शहरवासी। परिवार के साथ आए लोगों ने अपनी पसंद की खरीदारी की और खाने-पीने के साथ झूलों का आनंद लिया। मौसम सर्द होने से लोग ऊनी वस्त्रों की स्टाल में अपनी पसंद के कपड़े खरीदते नजर आए।

कार्निवल में खरीदारी करने के साथ लोग कई तरह के स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद चख रहे हैं। मेले में जहां स्थानीय व्यापारी अपने विशिष्ट उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं, वहीं राज्य व कई प्रांतों के व्यापारी भी अपने-अपने इलाके के खास उत्पाद मेले में लाएं हैं। न्यू ईयर कार्निवल के विशाल डोम में विभिन्न तरह के उत्पादों की सैकड़ों स्टॉल्स लगी हैं।
मेले में प्रवेश नि:शुल्क है। मेले का समय दोपहर १२ बजे से रात्रि ९ बजे तक है।

उत्पादों की जबरदस्त रेंज
नववर्ष की खरीदारी के लिए गीजर, रूम हीटर, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, परफ्यूम, क्रॉकरी, फैशन , खिलौने, फर्नीचर, सोफे आदि घरेलू उत्पादों की विशाल व लेटेस्ट रेंज उपलब्ध है। बैंक, बीमा, प्रॉपर्टी, एजुकेशन संबंधी स्टॉल पर उत्पादों की विशाल रेंज आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है।

फूड जोन में चख रहे व्यंजनों का स्वाद
कार्निवल में अलग से बनाया गया फूड जोन आकर्षण का केन्द्र है। लोग खाने-पीने की स्टालों में छोले-भटूरे, पाव-भाजी, छोले-कुलचे, पेस्ट्री, खमन, कचौरी, समोसा , पकोड़े, सेंडविच, इडली-डोसा, आईसक्रीम, पिचके, ज्यूस का स्वाद चख रहे हैं।

शरद ऋतु सृजनोत्सव का समय
सखा संगम की ओर से बुधवार को नत्थूसर बास स्थित ब्रह्म बगीचा में शरदोत्सव मनाया गया। इसमें शरद ऋतु में अध्ययन एवं सृजन पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि पूर्व महापौर भवानीशंकर शर्मा ने कहा कि ग्रंथों में शरद ऋतु का विशेष महत्व है। इसमें शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल का अवसर मिलता है।

संयोजक राजेन्द्र जोशी ने कहा कि शरद ऋतु सृजनोत्सव का समय है, इसमें सच्चा सृजन किया जा सकता है। अध्यक्ष एनडी रंगा ने कहा कि शरद ऋ तु में ईस्वी वर्ष की समाप्ति एवं नए वर्ष का आगाज होता है जो, नई खुशियां लेकर आता है। चन्द्रशेखर जोशी, किसन चन्द आजाद, बुलाकी शर्मा, हरीश बी शर्मा, अशफ ाक कादरी आदि ने विचार रखे।