
PBM hospital bikaner
बीकानेर. संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में मरीजों का 'मर्ज' कम नहीं हो रहा है। मरीजों को न तो दवाएं मिल रही हैं और ना ही जांचें हो रही हैं। ट्रोमा सेंटर में सोनोग्राफी मशीन बंद पड़ी है और मरीजों का कई दिन आगे की तारीख दी जा रही है। डीडीसी पर दवाएं नहीं है। मरीजों को दवा के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। स्टोर में ग्लूकोज पर्याप्त मात्रा में होने के बावजूद वार्डों में सप्लाई नहीं हो रहा है। एेसे में परेशान मरीजों की शिकायत सुनने वाला कोई नहीं है।
अस्पताल प्रशासन सभी व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा कर रहा है, मरीजों की परेशानी बढ़ती जा रही है। कैंसर पीडि़त मरीजों को १०-१५ दिन तक दवाएं नहीं मिल रही। इंडेन बनने के बाद दवा मंगाने में एक पखवाड़ा लग रहा है। ऐसे में कैंसर के गंभीर रोगियों को मजबूरन बाजार से दवा खरीदनी पड़ रही है। ट्रोमा सेंटर में एक्स-रे मशीन कई दिनों से खराब थी, जो शुक्रवार को दुरुस्त हो पाई। थायराइड, टीएसए, टीटीजी, विटामिन संबंधी सभी जांचें नहीं हो रही हैं। ऐसे में मरीजों को बाजार से महंगी दर पर जांच करानी पड़ रही है।
वार्डों में चादर मैली
पीबीएम में सफाई पर करोड़ों रुपए खर्च हो रहे है, फिर भी गंदगी रहती है। शौचालय गंदगी से अटे हुए हैं। वार्डों में बेड पर फटी व मैली चादरें बिछाई जा रही है। वार्डों में मरीजों को फर्श पर ही गद्दे बिछाकर लिटाया जा रहा है। वहीं अस्पताल के स्टाफ का मरीजों व परिजनों के साथ व्यवहार भी ठीक नहीं रहता, जिससे आए दिन झगड़े होते हैं।
नो-पार्किंग में वाहन
पीबीएम परिसर में पार्किंग स्थल बने हैं, लेकिन चिकित्सक व स्टाफ के साथ आमजन भी मनमर्जी से वाहन पार्क करते हैं। इससे अव्यवस्था रहती है। सुरक्षा गार्ड वाहन को नो-पार्किंग में लगाने से मना करते हैं तो स्टाफ उन्हें धमकाता है।
व्यवस्था में सुधार
'दवाएं पर्याप्त मात्रा में है। जो दवाएं सूची में नहीं है, वह बाजार से खरीदकर मरीजों को उपलब्ध करवा रहे हैं। दवा, जांच एवं भर्ती की व्यवस्थाओं में काफी हद तक सुधार के प्रयास कर रहे हैं।
डॉ. बीएल चौपड़ा,
कार्यवाहक अधीक्षक
अस्पताल का होगा नियमित निरीक्षण
संभागीय आयुक्त हनुमान सहाय मीना ने पीबीएम अस्पताल में जांच, दवा, सहित सभी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन को अस्पताल का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शुक्रवार को एक पत्र जारी कर जिला कलक्टर को पीबीएम अस्पताल का नियमित निरीक्षण करने के लिए एक दल गठित करने को कहा है। पत्र में कहा गया है कि निरीक्षण दल के लिए एडीएम (सिटी) को नोडल अधिकारी बनाया जाए। हर दिन अधिकारियों की नियुक्ति कर निरीक्षण का कार्य सौंपा जाए। निरीक्षण दल साप्ताहिक रिपोर्ट जिला कलक्टर को भेजेंगे। जिला कलक्टर प्रत्येक सोमवार को रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे तथा कार्रवाई से संभागीय आयुक्त को बताएंगे। वहीं पार्षद आदर्श शर्मा ने संभागीय आयुक्त को ज्ञापन देकर पीबीएम की समस्याओं का समाधान करने तथा मॉनिटरिंग करने की मांग की।
Published on:
15 Sept 2018 10:03 am
