
पीबीएम अस्पताल
बीकानेर . पीबीएम अस्पताल में किसी भी आपदा से निपटने के लिए अब पूरी व्यवस्था पुख्ता करने के दावे किए जा रहे हैं। 13 लाख रुपए खर्च कर आपदा प्रबंधन विभाग को मजबूत किया गया है। अब यह व्यवस्था कितनी पुख्ता है यह तो भविष्य ही बता पाएगा।
पीबीएम अस्पताल में आगजनी की घटना से बचाव के लिए हर विभाग और गैलरियों में अग्निशमन यंत्र लगाए जा रहे हैं और जो यंत्र पहले से लगे हैं, उनको तैयार कराया गया है। शिशु अस्पताल और मुख्य भवन में जगह-जगह बिछे तारों के जाल को दुरुस्त करने का काम चल रहा है।
इनसे भी है खतरा
पीबीएम अस्पताल के गलियारों में एयर कंडीशनर के ब्लोर लगा रखे हैं, जिससे कभी भी कोई आगजनी की बड़ी घटना हो सकती है। अधिकारियों के कक्ष सहित कई विभागों में लगे एसी के ब्लोर गैलरियों में हैं। गर्मी के दिनों में हालात बेहद खराब हो जाती है। गर्मी के साथ-साथ ब्लोर से निकलने वाली गर्म हवा से मरीजों और परिजनों का बुरा हाल रहता है।
हर बार खोखले दावे
पीबीएम अस्पताल में जब भी कोई हादसा होता है तो उसकी पुनरावृत्ति नहीं होने के बड़े बड़े दावे किए जाते हैं लेकिन कुछ समय बाद यह दावे खोखले नजर आते हैं। पीबीएम के शिशु अस्पताल की नर्सरी में आग की घटना के बाद पीबीएम का सर्वे कराकर पूरी वायरिंग को नए सिरे से डलवाने के आश्वासन दिए गए, लेकिन हकीकत में काम कुछ नहीं हुआ।
इसके बाद टीबी अस्पताल, रेडियो डायग्नोसिस विभाग और आपातकालीन कक्ष के पास भी आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। अब प्रशासन चेता है और आपदा प्रबंधन विभाग का शुरू कर पुख्ता बंदोबस्त करने में जुटा है।
ये हो चुकी हैं बड़ी घटनाएं
12 जनवरी-2013 की रात को पीबीएम के शिशु अस्पताल की नर्सरी के एसी में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। हादसे के समय २६ नवजात शिशु नर्सरी में थे, जिनमें से 22 को सुरक्षित निकाल लिया गया लेकिन चार नवजात आंशिक झुलस गए थे। मई-2017 में रेडियो डायग्नोसिस विभागाध्यक्ष के पास वाले कमरे में एसी में आग लग गई।
गनीमत रही कि हादसा बड़ा नहीं हुआ। टीबी अस्पताल में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। यहां अधिकांश गंभीर रोगी थे। रात को ही सभी मरीजों को डायबिटिक सेंटर, हॉर्ट हॉस्पिटल, मेडिसिन आपातकालीन सहित अन्य जगह पर शिफ्ट करना पड़ा।
आपदा प्रबंधन के लिए 13 लाख खर्च
350 अग्निशमन यंत्र मंगवा लिए गए हैं, जिन्हें पूरे पीबीएम परिसर में लगाने का काम सोमवार से शुरू किया जाएगा। सभी विभागों को सामान वितरित कर दिया है। आपदा प्रबंधन के लिए करीब 13 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। अग्निशमन यंत्रों की मेंटीनेंस के लिए एन्वेल मेंटीनेंस कॉन्टे्रक्ट कंपनी से किया जा रहा है।
डॉ. गौरीशंकर जोशी, प्रभारी, आपदा प्रबंधन विभाग पीबीएम
Published on:
03 Dec 2017 10:02 am
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