
Peasant movement
बीकानेर . किसान के गांव बंद आंदोलन के चलते जिले में दूध के बाद अब मावा की आपूर्ति भी ठप कर दी है। रविवार को इसका असर भी दिखना शुरू हो गया। मावे की दुकानें तो खुली, लेकिन मावा बहुत कम मात्रा में आया। मावा व्यापार संघ का दावा है कि सोमवार से जिलेभर में मावा नहीं बनेगा, ना ही बिकेगा।
सभी स्थानों पर भ_ियां बंद हो जाएगी। वहीं दूध की आपूर्ति रविवार को भी ठप रही। शहर में बड़ी-छोटी दुकानों पर गांवों से आना वाला दूध नहीं पहुंचा। पूगल रोड व अन्य राजमार्गों पर आंदोलन से जुड़े लोग तैनात रहे। जिससे दूध की गाडिय़ां शहर में नहीं आ सकी। सब्जियों की आवक में रविवार को कुछ सुधार हुआ। जिससे मिर्च, टमाटर सहित हरी सब्जियों के दामों में पांच से दस रुपए की कमी भी आई है।
दो लाख लीटर दूध का बनता है मावा
मावा व्यापार संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश तर्ड के अनुसार जिले में रोजाना दो लाख लीटर दूध का मावा बनता है। जो सोमवार से पूरी तरह बंद हो जाएगा। रोजाना 2 हजार टीन बीकानेर आते हैं, एक टीन में 16 से 19 किलो मावा होता है। फीका मावा बीकानेर में ही बिकता है। वहीं मीठा मावा देशभर में भेजा जाता है।
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छत्तरगढ़ में प्रदर्शनकारियों का हंगामा
बीकानेर/छत्तरगढ़. किसानों के गांव बंद आंदोलन के तीसरे दिन रविवार को छतरगढ़ में प्रदर्शनकारियों ने हंगामा किया। प्रदर्शनकारी बाजार में सब्जी व फल की दुकानों से फल उठा ले गए और सब्जियां सड़क पर फेंक दी। उन्होंने एक ज्वैलर्स की दुकान में तोडफ़ोड़ भी की। ज्वैलर्स ने प्रदर्शनकारियों पर लूट का आरोप लगाया है। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से समझाइश की, लेकिन कई प्रदर्शनकारी नहीं माने। इस पर पुलिस ने आठ जनों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रदर्शनकारी सुबह पांच-छह गाडिय़ों में छतरगढ़ पहुंचे और बाजार में जमकर उत्पात मचाया। सब्जियों की दुकानों का सामान सड़क पर बिखेर दिया। ज्वैलर भवानी सोनी का आरोप है कि प्रदर्शनकारी उसके शोकेस से सोने-चांदी का सामान लूट ले गए व तोडफ़ोड़ की। उनके चाचा शंकरलाल सोनी को धक्का देकर गिरा दिया, जिससे उनके चोट आई।
बाजार में हंगामे व लूट की सूचना पर एसएचओ विकास बिश्नोई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसएचओ बिश्नोई ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के सब्जी की दुकानों से सामान फेंकते समय एक पत्थर से सुनार की दुकान का शीशा टूट गया। सुनार ने इस संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं कराया। उसकी दुकान में लूट जैसी कोई वारदात नहीं हुई।
अफरा-तफरी मची
बाजार में प्रर्शनकारियों के उत्पात मचाने से एकबारगी अफरा-तफरी मच गई। प्रदर्शनकारियों ने जब सब्जी की दुकानों से सामान फेंकना शुरू किया तो दूसरे दुकानदार घबरा गए और दुकानें बंद करने लगे। पुलिस के पहुंचने तक प्रदर्शनकारियों ने खूब हुड़दंग मचाया।

Published on:
04 Jun 2018 07:55 am
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