
स्कूलों में अध्यापकों के वेतन आहरण वितरण के कार्य अब संबंधित पदेन पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (पीईईओ) के क्षेत्राधिकार में होंगे। साथ ही अन्य राजकीय कार्य भी पीईईओ के माध्यम से किए जाएंगे। स्कूलों में अवकाश स्वीकृति सेवा पुस्तिका के संधारण सहित बीईईओ के सारे अधिकार पीईईओ के पास रहेंगे। एेसे में स्कूलों में लगे अध्यापकों को किसी भी कार्य के लिए अब बीईईओ के पास नहीं जाना पड़ेगा। पूरे राजस्थान में 9994 पीईईओ हैं।
प्रत्येक पंचायत पर अब एक पीईईओ होगा और अगले माह से वे ही ध्यापकों का वेतन बनाएंगे। उनके पास पंचायत सहायक के दो कर्मचारी होंगे। वहीं पैराटीचर, शिक्षाकर्मी व नगरपालिका शिक्षकों का वेतन बीईईओ बनाएंगे। नई व्यवस्था में एक जनवरी, 2018 से लागू करने के लिए निदेशालय में गुरुवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशक नथमल डिडेल व प्रारंभिक शिक्षा निदेशक पीसी किशन ने बैठक ली। बैठक में राज्य से करीब 96 प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक, माध्यमिक शिक्षा उपनिदेशक, प्रारंभिक व माध्यमिक जिला शिक्षा अधिकारी शामिल थे।
आईडी स्थानांतरित के निर्देश
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि २९ दिसंबर तक दो लाख 14 हजार शिक्षकों की आईडी पीईईओ का स्थानांतरित की जाएं। पहले ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय तहसील के अधीन था। अब उनका अधिकार क्षेत्र सीमित कर दिया है। राज्य सरकार की मंशा है कि ब्लॉक कार्यालय के संचालन में वित्तीय भार ज्यादा होता था, अब पीईईओ द्वारा संचालित करने से वित्तीय भार कम हो जाएगा।
इससे लगता है कि प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को खत्म करने की तैयारी चल रही है। समस्त पीईईओ माध्यमिक शिक्षा के अधीन हैं। इसलिए प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी के पास इसके बाद कोई कार्य नहीं रहेगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय का काम प्रारंभिक शिक्षकों का नियंत्रण व वित्तीय स्वीकृति आदि था। पहले जहां प्रारंभिक शिक्षा में बजट आता था, वह अब माध्यमिक शिक्षा में आएगा।
वेतन व एरियर मिलना मुश्किल
वर्ष 2012 में नियुक्त शिक्षकों व एसएसए शिक्षकों को नवंबर का वेतन करीब १४ अरब रुपए अभी तक नहीं मिला है। इसके लिए दीपावली से वित्तीय स्वीकृति नहीं मिली है। एेसे में पीईईओं को वेतन देने का अधिकार सौंपने से इनको वेतन व एरियर मिलना असंभव है। पीईईओ से बजट विद्यालयवार हस्तानान्तरण व पदों का हस्तानान्तरण करने में भी बहुत समय लगेगा। डीए एरियर का भुगतान चार साल से बकाया है। यहां तक कि दीपावली का बोनस भी बकाया है। राजस्थान के लगभग सभी ब्लॉकों में विभागीय जांच भी बकाया है।
पुनर्विचार की मांग
राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेशमंत्री रवि आचार्य ने गुरुवार को मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में एक जनवरी, 2018 से उच्च प्राथमिक एवं प्राथमिक विद्यालयो में कार्यरत शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए पीईइओ को आहरण वितरण अधिकार देने तथा सर्विस रिकार्ड संधारण करने के निर्देशों के क्रियान्वयन पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
बढ़ेगी उपस्थिति
पीईईओ अगले माह से अध्यापकों का वेतन बनाएंगे। बैठक में विभागीय योजनाओं पर चर्चा कर दिशा-निर्देश दिए गए। पीईईओ को अधिकार देने से बच्चों की उपस्थिति बढ़ेगी। साथ ही मॉनिटरिंग भी बढ़ जाएगी।
नथमल डिडेल, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा
करेंगे संघर्ष
यह निर्णय जल्दबाजी में लिया गया है। इससे शिक्षकों के वेतन-एरियर का समय मिलना संभव नहीं है। आदेश को दो माह के लिए रोकना चाहिए अन्यथा शिक्षकों को वेतन के लिए तरसना पड़ेगा। प्रारंभिक शिक्षा को किसी भी कीमत पर खत्म नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए संघर्ष करेंगे।
किशोर पुरोहित, प्रदेश संरक्षक, शिक्षक संघ भगतसिंह
पुन: विचार
पीईईओ को आईडी हस्तांतरण जल्द करवाने का राज्य सरकार का निर्णय प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को खत्म करना प्रतीत होता है। शिाक्षा की नींव प्रारंभिक शिक्षा है। सरकार को इस पर पुन: विचार करना चाहिए।
श्रवण पुरोहित, प्रदेश मंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत
Published on:
29 Dec 2017 11:21 am
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