
विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत निजी स्कूल गुरुवार को बंद रहे और निजी स्कूल संचालकों ने अजमेर स्थित बोर्ड कार्यालय के समक्ष धरना दिया। प्राईवेट एज्युकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) द्वारा समर्थित और स्कूल क्रांति संघ, जयपुर एवं अन्य संगठनों द्वारा आयोजित आंदोलन को अन्य संगठनों ने भी समर्थन दिया।
पैपा पदाधिकारियों के अनुसार संभाग मुख्यालय पर अधिकांश निजी स्कूल बंद रहे। पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल के नेतृत्व में रमेश बालेचा, चंपालाल प्रजापत, प्रभुदयाल शर्मा, सुरेंद्र शर्मा इत्यादि सहित बीकानेर से निजी स्कूलों के अनेक प्रतिनिधि अजमेर पहुंचे। इस अवसर पर अपने संबोधन में गिरिराज खैरीवाल ने सरकार की दमनकारी नीतियों का डटकर मुकाबला करने के लिए आह्वान किया तथा शुल्क एक्ट को वापस लेने की मांग की।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्कूल एलायंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा कि सरकारी दमन चक्र को कुचलने के लिए एकमात्र उपाय एकजुटता है। स्कूल क्रांति संघ की अध्यक्ष हेमलता शर्मा, जीवेम एज्यूकेशन के दिलीप मोदी, राजस्थान प्राईवेट एज्यूकेशन एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश शर्मा ने इस मौके पर कहा कि निजी स्कूलों के हकों के साथ हो रहे खिलवाड़ का विरोध किया जाएगा।
इस अवसर पर बीकानेर के अलावा नागौर, धौलपुर, राजसमंद, अलवर, भरतपुर, बूंदी, टोंक, जोधपुर इत्यादि के अनेक जिलों से निजी स्कूलों के प्रतिनिधि हजारों निजी स्कूलों के संचालकों के साथ एकत्रित हुए। खैरीवाल ने बताया कि दोपहर बाद बोर्ड कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया गया। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सचिव मेघना चौधरी ने निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों से बातचीत की और समस्या समाधान का आश्वासन दिया।
पैपा के संयोजक घनश्याम साध ने बताया कि बीकानेर से तरविंद्र सिंह कपूर, कृष्ण कुमार स्वामी, मनीष यादव, गिरिश गहलोत, मुकेश पांडे, हरविंद्र सिंह कपूर, बालकिशन सोलंकी आदि आंदोलन में शामिल हुए।
कर्मचारियों का कलक्ट्रेट पर हल्लाबोल आज
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के प्रांतीय आह्वान पर शुक्रवार को दोपहर एक बजे जिला कलक्टर कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया जाएगा। संघर्ष समिति के सदस्य जयकिशन पारीक ने बताया कि पद्रेश में बिना कटौती के सातवें वेतन आयोग को 1 जनवरी 2016 से लागु करने, एरीयर का भुगतान करने, केन्द्र व राज्य के पे-मेट्रिक्स के अन्तर को समाप्त करने,
पूर्व में दिये लाभ की कटौती आदेश को वापिस लेने, पुर्व की वेतन विसगंतियों का निस्तारण करने, नई पेंशन योजना की जगह पुरानी परिभाषित पेंशन योजना को लागु करने, संविदा-अस्थाई-मानेदय के कार्मिकों को नियमित करने सहित सात सूत्री मांग पत्र को लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने दोपहर एक बजे विरोध प्रदर्शन किया जायेगा।
Published on:
01 Dec 2017 10:58 am
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