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प्रगतिशील किसान कीमती फसलों की ओर अग्रसर,धोरों में उगाया विदेशी अनाज ‘किनोवा’

किसान अब पौष्टिक खाद्य पैदावार 'किनोवा' की खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

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Progressive farmers

ठुकरियासर. कृषि कुओं की बहुतायत वाले इस क्षेत्र के प्रगतिशील किसान अब पौष्टिक खाद्य पैदावार 'किनोवा' की खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं। विदेशी धरती की यह पैदावार का बिजान गत वर्ष से इस तहसील की रेतीली जमीन में भी होने लगा है। घटते जलस्तर, पारम्परिक खेती पर बढ़ती लागत एवं घटती आमद के चलते किसानों का रुख अब खेती में नवाचार की ओर बनने लगा हैं। यहां के किसान परम्परागत खेती के साथ औषधीय, फल बागवानी, सब्जी जैसी खेती भी करने लगे है।


कम लागत में अधिक उपज
परम्परागत खेती के साथ ही कम पानी व कम लागत से अधिक आमदनी की सोच लेकर किनोवा की खेती कर रहे आडसर गांव के प्रगतिशील किसान श्रवण कुमार सहारण ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में १२ बीघा जमीन पर किनोवा की खेती की है। इस खेती में बिजान से पैदावार लेने तक दो हजार रूपए प्रति बीघा की लागत आई है। इस समय इस फसल के खलिहान का कार्य चल रहा है। इसमें करीब ६ से ७ क्विंटल प्रति बीघा की आमद होने की संभावना है।

इस पैदावार को कृषि विभाग द्वारा ६ हजार रुपए प्रति क्ंिवटल के हिसाब से खरीदा जा रहा है। गत वर्ष भी इसका बिजान एक बीघा में किया था। इसे बीज के रूप में करीब २० किसानों को बेच दिया। इस फसल का बिजान जमीन में खाद व बीज मिलाकर हेरा से किया जा रहा है। करीब तीन महीने में तैयार होने वाली इस फसल का बिजान समय अक्टूबर से दिसम्बर के बीच है। पौधे के अंकुरित होने के बाद २० से २५ दिन के अन्तराल से सिंचाई की गई है।

पौष्टिक तत्व से भरपूर
कृषि विभाग के अनुसार बथुवा प्रजाति की इस फसल का वनस्पतिक नाम चिनोपोडिया क्विना है। इसकी प्रमुख खेती अमरीका, इंग्लैण्ड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, चीन आदि में होती है। इन देशों में इसका उपयोग फास्ट फूड के रूप में किया जाता है। बाजरा दाना के आकार वाले इस खाद्यान्न में प्रोटीन, डायटरी पाइबर, मैग्नेशियम, पोटेशियम व विटामिन बी पाया जाता है। पौष्टिक व सुपाच्य भोजन के रूप में उपयोग होने वाला यह आहार कोलेस्ट्रोल व मधुमेह रोग में भी उपयोगी है।

वातावरण उपयुक्त
&अमरीका की खेती है। रबी के समय में होने वाली इस खेती के लिए राजस्थान का वातावरण, मिट्टी उपयुक्त है। यह बारानी व कम पानी में होने वाली फसल है। राज्य सरकार उपज की बाई पैक की गांरटी योजना तैयार कर रही है। गत वर्ष एक सौ किसानों को बीज किट का वितरण किया था और इस बार एक हजार को वितरण किया है। इस उपज को सरकार खरीद रही है।
सुरेन्द्र मारू,
कृषि अधिकारी, पौध सरंक्षण बीकानेर

कृषि विभाग कर रहा है खरीद
खेती में नवाचार के लिए कृषि विभाग ने गत वर्ष किसानों को किनोवा की खेती के लिए बीज तैयार करने के लिए बीज किट का वितरण किया था और किसानों की उपज भी खरीद की थी। कृषि पर्यवेक्षक मालाराम गोदारा ने बताया कि इस बार तहसील क्षेत्र में करीब ५० हैक्टेयर बीघा भूमि पर किसानों ने इस फसल का बिजान किया है। यहां करीब एक टन पैदावार होने का अनुमान है। गत वर्ष विभाग ने इसकी खरीद जिला मुख्यालय पर की थी। इस बार तहसील मुख्यालय पर खरीद करने की सम्भावना है। विभाग इस बार ६ हजार प्रति क्ंिवटल के हिसाब से खरीद कर रही है।