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खरीद केन्द्र पर गेहूं के भुगतान को तरसे किसान, 24 घण्टे में भुगतान का दावा खोखला

क्रय-विक्रय सहकारी समिति द्वारा गेहूं, सरसों व चने की खरीद में किसानों के भुगतान को लेकर किया जाने दावा खोखला साबित हो रहा है।

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सरकारी खरीद

लूणकरनसर. लूणकरनसर में सरकारी समर्थन मूल्य पर राजफैड के माध्यम से क्रय-विक्रय सहकारी समिति द्वारा गेहूं, सरसों व चने की खरीद में किसानों के भुगतान को लेकर किया जाने दावा खोखला साबित हो रहा है। किसानों को सरकारी खरीद में गेहूं का २४ घण्टे में करने का दावा किया गया था लेकिन खरीद शुरू होने के १० दिन बाद भी किसानों को भुगतान के नाम एक कौड़ी भी नहीं मिली है।

ऐसी स्थिति में खरीद केन्द्र से गेहूं बेचने वाले काश्तकारों का मोहभंग होने लगा है। गौरतलब है कि लूणकरनसर में गत ११ अप्रेल को सरकारी समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद शुरू हुई थी। किसानों सरकारी खरीद केन्द्र पर गेहूं के प्रति क्विंटल १७३५ रुपए मिल रहे है। खुले बाजार से गेहूं के करीब १०० रुपए ज्यादा मिलने व भुगतान हाथोंहाथ मिलने की स्थिति में किसान गेहूं भी सरकारी खरीद में बेचने के इच्छुक नजर आए।

अब तक २३८ किसानों ने करीब २४३४४ बोरी गेहूं की तुलाई हो चुकी है तथा समर्थन मूल्य के हिसाब से किसानों के २ करोड़ ११ लाख १८ हजार रुपए का भुगतान बकाया चल रहा है। ऐसी स्थिति में सरकारी खरीद पर उपज बेचने वाले किसान तंगहाली से गुजर रहे है। सरकारी खरीद पर उपज बेचने से बाजार से सेठ-साहुकार भी उधारी देने से हाथ खींच रहे है।

माल नहीं उठाने से किसान परेशान
यहां सरकारी समर्थन मूल्य पर अभी तक करीब एक हजार काश्तकार सरसों व चने की उपज बेच चुके है। सरसों की करीब ११ हजार क्विंटल खरीद हो चुकी है। वही चने की तकरीबन ९ हजार क्विंटल उपज की तुलाई हो चुकी है। लेकिन सरकार द्वारा भण्डारण की व्यवस्था सुचारू नहीं करवाने से माल नहीं उठने से किसानों को परेशानी होना पड़ रहा है।

कैम्प कोर्ट से मिलेगा सस्ता व सुलभ न्याय
श्रीडूंगरगढ़. यहां अभिभाषक संघ के अध्यक्ष एडवोकेट महेन्द्रसिंह मान ने शुक्रवार को जिला न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार पारीक के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर जनता को सुलभ व त्वरित न्याय प्रदान करने के लिए एनडीपीएस एक्ट के मामलात को एडीजे कैम्प कोर्ट को अधिकार दिए जाने की गुहार की।

इस पर न्यायालय अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या दो बीकानेर कैम्प कोर्ट को अन्तरित करने का आदेश दिए गए है। इस पर श्रीडूंगरगढ़ के अध्यक्ष मान व सभी अधिवक्ताओं ने जिला न्यायाधीश का आभार जताया है। इन मामलों के अधिकार दिए जाने से लोगों को सस्ता व सुलभ न्याय प्राप्त हो सकेगा।