
जयकारों से गूंजा मंदिर, लगाया चूरमे का भोग, पूजा-अर्चना के बाद की महाआरती
बीकानेर.श्रीडूंगरगढ़.'लाल देह लाली लसे अरु धरि लाल लंगूर, वज्र देह दानव दलन, जय-जय जय कपि सूर...सरीखी चौपाइयों की गूंज। घंटा-शंखनाद की करतल ध्वनि। शनिवार को यह नजारा था पूनरासर (punrasar hanuman ji mela 2019) स्थित मंदिर परिसर का। जहां हनुमानजी के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें रही। किसी ने नारियल-प्रसाद चढ़ाया। तो किसी ने चूरमे का भोग लगाया। तेल-सिन्दुर से अभिषेक पूजन किया। जातरुओं ने मन्नतें मांगी। जात-झडूला की परम्परा का निर्वाह किया गया। हनुमानजी की प्रतिमा का तेल सिन्दुर से विशेष शृंगार किया गया।
मंदिर सुबह से लेकर शाम तक दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। मन्दिर परिसर में श्रद्धालुओं ने बाटियां सेकी और चूरमा बनाकर भोग लगाया। मेले में बीकानेर के अलावा श्रीडूंगरगढ़, लूणकरनसर, रतनगढ़, चूरू, गंगानगर, हनुमानगढ़ के साथ ही मुम्बई, कोलकता, चैन्नई सहित महानगरों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मेले के अवसर पर मंदिर को रंगीन रोशनियों से सजाया गया है।
घी,आटा व शक्कर का वितरण
मन्दिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को श्री पूनरासर हनुमानजी (punrasar hanuman ji mela 2019) पुजारी ट्रस्ट की ओर से नि:शुल्क घी, आटा व शक्कर का वितरण किया गया। भक्तों ने मन्दिर परिसर में ही आटे की बाटी बनाकर उसका चूरमा बनाया और बाबा के भोग लगाया। मंदिर परिसर व आसपास की धर्मशालाओं मंे श्रद्धलुओं के लिए शिविर लगाए गए। इसमें भोजन, चिकित्सा इत्यादि की सुविधा मुहैया कराई गई। बीकानेर की कई संस्थाओं ने भंडारे का आयोजन किया।
मेले में सैलाब, सड़के रही सूनी
पूनासर मेले में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रहने से शहर में सड़कें सूनी रही। बाजारों मंे भी सन्नाटा रहा। शनिवार को भी रोडवेज की अतिरिक्त बसों का संचालन मेले के लिए किया गया। जस्सूसर गेट क्षेत्र से बसें चलाई गई। इसके अलावा लोग अपने निजी वाहनों से भी शनिवार को दर्शन के लिए पहुंचे।
Published on:
08 Sept 2019 05:55 am
