
Staging drama
बीकानेर. 'सिर साटे रूख रहे तो भी सस्ता जान।Ó अर्थात सिर की कीमत के बदले पेड़ बचता है तो भी कम है। इस पंक्ति को शुक्रवार को रेलवे प्रेक्षागृह के मंच पर जयपुर से आए कलाकारों ने साकार किया। अवसर था उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से चल रहे रेल थिएटर फेस्टिवल का। फेस्टिवल के दूसरे दिन मंचित हुए नाटक 'खेजड़ी की बेटी' की प्रभावी प्रस्तुति दी गई। मंच पर कलाकारों के उम्दा अभिनय ने वर्षों पुराने इतिहास को साकार कर दिया।
अशोक राही के लिखे और अनिल कुमार भागवत के निर्देशन में मंचित नाटक से पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया गया। नाटक के माध्यम से बताया गया कि करीब तीन सौ साल पहले जोधपुर के खेजड़ी गांव में विश्नोई सम्प्रदाय के लोगों ने अपने प्राण देकर खेजड़ी पेड़ को बचाया, हिरण का शिकार करने वालों को सबक सिखाया। जीव के प्रति दया भाव रखने का संदेश दिया था। शनिवार को 'मुझे अमृता चाहिएÓ का मंचन होगा।
इन्होंने निभाई भूमिका
नाटक में अनिल भागवत, गजानंद, मुकेश मोर्या, रविन्द्र सिंह, तपन शर्मा, पप्पू सिंह, कृष्णवीर, पार्वती वर्मा, सोनल आदि ने अभिनय की छाप छोड़ी। संगीत राकेश दीक्षित ने दिया एवं प्रकाश व्यवस्था निहारिका की थी। आयोजन को लेकर उत्तम सिंह, सुरेश खत्री, अमित गोस्वामी, सुधेश व्यास, अमित सोनी आदि भागीदारी निभा रहे हैं।
चारण जन्मशताब्दी कार्यक्रम में सम्मानित होंगी प्रतिभाएं
बीकानेर. समाजसेवी चारण नारायण सिंह गाडण के जन्मशताब्दी समारोह में विभिन्न क्षेत्र की करीब दो सौ प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम ११ एवं १२ अगस्त को रिद्धि-सिद्धि भवन और संस्कार सदन में होंगे। १२ अगस्त को मुख्य कार्यक्रम संस्कार सदन में स्वामी संवित सोमगिरी महाराज के सान्निध्य में होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय चारण गढ़वी महासभा के अध्यक्ष सीडी देवल करेंगे।
वहीं मुख्य अतिथि राजस्थान राज्य धरोहर संरक्षण एवं प्रौन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत होंगे। विशिष्ट अतिथि बीकानेर तकनीकी विश्वविद्याल के कुलपति प्रोफेसर हाकम दान चारण, सारस्वत अतिथि सेंसकरण दान देपावत, पद्मश्री सीपी देवल, गांधीनगर के कलक्टर एसके लांगा, आइएएस राजेन्द्र ङ्क्षसह रतनू आदि होंगे। वहीं ११ अगस्त को विशिष्ट प्रतिभा सम्मान समारोह की अध्यक्षता जैसलमेर के जिला प्रमुख रहे नैनदान रतनू, मुख्य अतिथि रूप सिंह चारण, विशिष्ट अतिथि हिंगलाजदान चारण, सूर्य देव सिंह बारहठ, पद्मश्री चंडीदान देथा एवं कैलाश दान सांदू होंगे।
Published on:
11 Aug 2018 09:07 am
