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पर्ची से लिया दावेदारों के नामों का प्रस्ताव, सुझाव लिए और शिकायतें भी सुनीं

भाजपा की रणकपुर (पाली) में हुई बीकानेर संभाग की बैठक में जिले से करीब १४३ जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी शामिल हुए।

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rajasthan assembly election 2018

rajasthan assembly election 2018

बीकानेर. भाजपा की रविवार को रणकपुर (पाली) में हुई बीकानेर संभाग की बैठक में जिले से करीब १४३ जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी शामिल हुए। जिले की बैठक के बाद विधानसभा सदस्यों को अलग कर सुझाव, शिकायतें भी सुनी गई। साथ ही प्रत्येक सीट से पार्टी के टिकट के लिए नामों के प्रस्ताव पर्ची के माध्यम से लिए गए।

बीकानेर जिले के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ सुबह ११:३० बजे पहले मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बात की। उन्होंने कहा कि चुनाव में सकारात्मकता पर जोर दिया जाए। यदि क्षेत्र में दस में से पांच काम हुए हैं तो उनका प्रचार किया जाए, उन पर बात की जाए।
उन्होंने कहा कि सभी साथ खड़े होंगे तो सरकार फिर भाजपा की आएगी।

बैठक में विधायक गोपाल जोशी, संसदीय सचिव विश्वनाथ मेघवाल, पूर्व विधायक देवी सिंह भाटी, महापौर नारायण चौपड़ा, यूआइटी अध्यक्ष महावीर रांका, जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश आचार्य व सहीराम दुसाद आदि शामिल हुए। केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, विधायक सिद्धि कुमारी, विधायक किसनाराम नाई बैठक में शामिल नहीं हुए।

टिकट के लिए नामों के प्रस्ताव
दूसरे चरण में सभी भाजपा पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को विधानसभावार अलग-अलग बैठाकर सुझाव, शिकायत और टिकट के लिए नाम प्रस्तावित करने को कहा गया। इसके लिए बीकानेर जिले के सात विधानसभा क्षेत्र के लिए राजेन्द्र राठौड़, गजेन्द्र सिंह, वी. सतीश, यूनुस खान, चन्द्रशेखर आदि को ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया। सभी सदस्यों को एक-एक पर्ची दी गई। इस पर उन्हें शिकायत, सुझाव और टिकट के दावेदार के नाम लिखकर एक डिब्बे में डालना था। पर्ची पर लिखने वाले सदस्य की पहचान गुप्त रखी गई।

ये दिए सुझाव व शिकायत
सूत्रों के मुताबिक पर्ची में पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने एेसे व्यक्ति को टिकट देने का सुझाव दिया, जो जनता के बीच रहे, सहज उपलब्ध हो और कार्यकर्ता की सुनवाई करे। यह शिकायत भी लिखी की कि विधायक जनता के बीच नहीं रहते हैं। इसका खमियाजा चुनावों में पार्टी को भुगतना पड़ रहा है।

छह घंटे चला मंथन
रणकपुर में पहले बीकानेर संभाग के चूरू जिले के विधानसभा क्षेत्रों पर, फिर हनुमानगढ़ जिला और बाद में बीकानेर जिले की विधानसभा सीटों पर करीब छह घंटे मंथन हुआ। बीकानेर जिले की बैठक शाम ५:३० बजे समाप्त हुई।

पहले से थी लॉबिंग
बैठक के दौरान पर्ची पर टिकट के लिए नाम देने की पहले से जानकारी थी। एेसे में टिकट के दावेदारों ने अपना नाम ज्यादा पर्चियों में लिखे जाने के लिए लॉबिंग की थी।

३४ पार्षद भी शामिल
बीकानेर भाजपा शहर जिला से करीब १०८ पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें निगम के ३४ भाजपा पार्षद भी शामिल थे। जिला देहात से १३५ जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए हैं। बैठक में जालमसिंह, रामगोपाल, बिहारीलाल बिश्नोई आदि भी शामिल हुए।

सुराणा को लिया जाए साथ
सदस्यों ने लूणकरनसर सीट पर प्रत्याशी तय करते समय निर्दलीय विधायक माणिकचंद सुराणा को विश्वास में लेने का सुझाव दिया।
टिकट के दावेदारों से बायोडाटा भी लिए गए। सबसे ज्यादा बायोडाटा श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र से जमा हुए। कोलायत से एक भी बायोडाटा नहीं आया। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने खाजूवाला विधानसभा क्षेत्र के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों से खुद बात की।


शहर से ये प्रस्तावित
सूत्रों के अनुसार बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से विजय आचार्य, विजय मोहन जोशी, महावीर रांका, भंवर पुरोहित का नाम कई पर्चियों में रिपीट रहा। इसी तरह बीकानेर पूर्व से सिद्धि कुमारी, सुरेन्द्र शेखावत और मोहन सुराणा का नाम भी ज्यादा पर्चियों में बताया गया है।

देहात में यह नाम मुख्य
लूणकरनसर विधानसभा क्षेत्र से सहीराम दुसाद, सुमित गोदारा, ताराचंद सारस्वत, खाजूवाला से विश्वनाथ मेघवाल, भोजराज मेघवाल, कोलायत से देवीसिंह भाटी, पूनम कंवर, जयवीर भाटी, नोखा से बिहारी बिश्नोई, कन्हैयालाल सियाग, श्रीडूंगरगढ़ से किसनाराम नाई, रामगोपाल सुथार, तोलाराम जाखड़ के नाम ज्यादा पर्चियों में प्रस्तावित बताए गए।