
rajasthan digi fest 2018
बीकानेर. सूचना, प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग की ओर से आयोजित किए जा रहे राजस्थान डिजीफेस्ट के दूसरे दिन गुरुवार को राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में कोडिंग, डिजाइनिंग, हैकिंग, नृत्य व थ्री डी टेक्नोलोजी तथा कला-संस्कृति का मिश्रण देखा गया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हजारों युवाओं ने नई-नई टेक्नोलोजी की जानकारी प्राप्त की। वहीं दोपहर में दो नियर स्पेस सैटेलाइट लॉन्च किया गया।
इस दौरान एक हेलीकॉप्टर भी उड़ाया गया। साथ ही प्रदर्शनी में नृत्य व योग करता रोबोट बुधिया दूसरे दिन भी आकर्षण का केन्द्र बना रहा। रोबोट को देखने पहुंचे युवाओं ने रोबोट से बातें की और उससे विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली। राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में हैकाथॉन 5.0 शुरू हुआ। इसमें देशभर के करीब तीन हजार से अधिक युवा अपने आइडिया लेकर यहां पहुंचे और युवाओं ने कोडिंग व डिजाइनिंग तथा हैकिंग करना सीखा।
क्विज में विजेताओं को किया पुरस्कृत : डिजिफेस्ट में राजस्थान स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा विद्यालय स्तर के बच्चों के लिए क्विज कॉम्पीटिशन का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के विजेताओं को मौके पर ही पुरस्कृत किया गया।
जॉब फेयर में 3073 युवाओं का हुआ चयन : राजस्थान डिजिफेस्ट के तहत राजकीय आइटीआई परिसर में राजस्थान सरकार के सूचना, प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय दो दिवसीय रोजगार मेला गुरुवार को सम्पन्न हुआ। इसमें 3 हजार 73 युवाओं का विभिन्न कंपनियों द्वारा विभिन्न पदों के लिए चयन किया गया तथा 3 हजार 888 युवाओं को अगले स्तर के इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। मेले में 160 से अधिक कंपनियां पहुंची।
एडूहैक में शिक्षाविदों ने रखे विचार : डिजिफेस्ट में गुरुवार को एडूहैक का आयोजन किया गया। इसमें करीब 130 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में राज्य सरकार की विभिन्न ई गर्वेनेंस परियोजनाओं एवं विद्यार्थियों के लिए सुपर 100 कार्यक्रम के बारे में बताया गया, साथ ही प्रतिभागियों ने शिक्षा के क्षेत्रों किए गए नवाचारों की जानकारी दी।
जागती जोत के डिजिटाइज्ड प्रकाशनों का किया प्रदर्शन : राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर की ओर से अकादमी की मुख पत्रिका जागती-जोत के वर्ष 1973 से वर्तमान तक के सभी अंकों का डिजिटाइज्ड ऑनलाइन प्रकाशनों का प्रदर्शन डिजिफेस्ट में किया गया। अकादमी के सचिव डॉ. नितिन गोयल ने बताया कि यह देश की पहली अकादमी है, जिसके समस्त प्रकाशन ऑनलाइन डिजिटाइज्ड रूप में अकादमी की वेबसाईट पर आमजन के लिए उपलब्ध करवाए गए।
वर्चुअल रिएलिटी व थ्री डी कर्टेन का क्रेज
डिजिफेस्ट दूसरे दिन भी युवाओं के आकर्षण का केन्द्र रहा। बड़ी तादाद में स्कूली, कॉलेज विद्यार्थियों ने डिजिफेस्ट में पहुंचकर ज्ञानवर्धक जानकारी ली तथा मनोरंजन किया। मनोरंजन जोन में लगाए गए वर्चुअल रिएलिटी ऑर्गेमेंटेड रिएलिटी के वर्चुअल रिएलिटी, रोलर कोस्टर राइड, डिजिटल प्रिजर्वेशन ऑफ हैरिटेज, थ्री डी कर्टेन इत्यादि को लेकर युवाओं में खासा क्रेज दिखा। इस दौरान युवाओं ने इनके थ्री डी कर्टेन व डिजिटल प्रिजर्वेशन ऑफ हैरिटेज के सामने खड़े होकर सेल्फी व फोटोशूट करते नजर आए।
नाम छुपाकर भी सूचना मांग सकते हैं-आचार्युलू
केन्द्रीय सूचना आयुक्त एम श्रीधर आचार्युलू ने गुरुवार को डिजिफेस्ट के दौरान प्रेसवार्ता में बताया कि कोई भी व्यक्ति अपना नाम छुपाकर आरटीआइ की सूचना मांग सकता है। कई बार व्यक्ति को सूचना मांगने पर खतरा होता है इसके लिए बिना नाम ही आरटीआइ की सूचना मांग सकते हैं। अगर किसी आरटीआइ एक्टिविस्ट पर हमला होता है तो सरकार को उस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। इस दौरान राजस्थान डिजीफेस्ट में राजस्थान सरकार द्वारा जन सूचना पोर्टल का लोकार्पण किया गया।
केंद्रीय सूचना आयुक्त एम श्रीधर आचार्युलू ने इस पोर्टल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम को लागू करवाने में राजस्थान का बहुत बड़ा योगदान रहा है। लोगों ने बहुत लंबा संघर्ष करके यह अधिकार पाया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा प्रारम्भ जन सूचना पोर्टल पारदर्शिता की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकेगा। इस पोर्टल का प्रयोग कर आमजन सूचना तकनीक के माध्यम से सारी सूचनाएं एक ही स्थान पर प्राप्त कर सकेंगे। श्रीधर ने कहा कि सूचना के अधिकार से तकनीक के जुडऩे सेए आरटीआइ की शक्ति और बढ़ सकेगी।
इस अवसर पर आइ टी विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोड़ा ने कहा कि सरकार का पूरा प्रयास है कि आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर सिस्टम में पारदर्शिता लाई जाए। इसके लिये ही जन सूचना पोर्टल शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि अपनी तरह का यह पहला पोर्टल है जिस पर किसी पंचायत या वार्ड में कार्यान्वित सभी सरकारी कार्यक्रमों की जानकारी एक ही जगह पर उपलब्ध करवाई जाएगी। इस दौरान आरटीआइ एक्टीविस्ट निखिल डे ने भी विचार रखे।
Published on:
27 Jul 2018 08:16 am
