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श्रीडूंगरगढ़, लूणकरनसर और नोखा विधानसभा क्षेत्र में घमासान, गुटबाजी ने उड़ाई भाजपा-कांग्रेस की नींद

जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में से तीन-चार में भाजपा और कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी उबाल पर है।

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rajasthan ka ran

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दिनेश स्वामी/बीकानेर. जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में से तीन-चार में भाजपा और कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी उबाल पर है। स्थानीय नेताओं की गुटबाजी के चलते माना जा रहा है कि यहां दोनों बड़े दलों में आमने-सामने की जगह बहुकोणीय मुकाबले के हालात बनेंगे।

इसकी रिपोर्ट पार्टियों के आलाकमान के पास पहुंचने के बाद से दोनों में खलबली मची हुई है। इनमें श्रीडूंगरगढ़, लूणकरनसर के साथ नोखा विधानसभा क्षेत्र में पार्टियों को बागियों के समीकरण बिगाडऩे का भय सता रहा है। यह भी हो सकता है कि पार्टियां स्थिति से निपटने के लिए संगठनात्मक बदलाव का दाव भी खेले।

लूणकरनसर विधानसभा के मौजूदा विधायक माणिकचंद सुराणा के उम्रदराज होने के बाद अब उनके परिवार के एक युवा को राजनीति में उतारने की तैयारी चल रही है। उधर, कांग्रेस के टिकट पर गत विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे वीरेन्द्र बेनीवाल चुनावी तैयारी में जुटे हुए है। भाजपा के सुमित गोदारा भी पिछली बार प्रत्याशी थे और इस बार दावेदारों की दौड़ में आगे है। यहां भाजपा-कांग्रेस के जिले में बने दो बड़े गुटों का दखल भी काफी है।

श्रीडंूगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र भाजपा और कांग्रेस के साथ माकपा के प्रदेश में प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शुमार है। इसी के चलते माकपा के गिरधारी महिया यहां लगातार नुक्कड़ सभाएं भी कर रहे है। तीन बार विधायक रह चुके कांग्रेस के मंगलाराम, भाजपा विधायक किशनाराम नाई भी चुनाव लडऩे की तैयारी कर चुके है। यहां भी भाजपा और कांग्रेस के गुट पूरी तरह सक्रिय है। जिसने पार्टियों के आलाकमान को चिंता में डाल रखा है।

नोखा विधानसभा में दोनों पार्टियों की गुटबाजी से हालात विकट बनते जा रहे है। यहां पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने मुकाम में बिहारीलाल बिश्नोई के समर्थकों को संबोधित कर राजनीति को और ज्यादा गर्मा दिया। नोखा शहरी क्षेत्र में बड़ा प्रभाव रखने वाले कन्हैयालाल झंवर भी चुनाव लडऩे की तैयारी कर चुके है।

नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी कांग्रेस के प्रत्याशी तय माने जा रहे है। एेसे में दोनों पार्टियों के आमने-सामने के मुकाबले पर पानी फिरता दिख रहा है। पिछले चुनाव में भाजपा कन्हैयालाल झंवर और बिहारीलाल बिश्नोई को नजरांदाज करने का खामियाजा भुगत चुकी है। इस बार पुरानों के साथ नए दावेदार और जुड़ जाने
से भाजपा के लिए ज्यादा परेशानी हो गई है।

विधानसभा चुनाव-२०१३ पर एक नजर

नोखा
कुल पोल वोट- १,६१,१४१
रामेश्वर डूडी
(कांग्रेस)- ७०,८०१
कन्हैयालाल झंवर
(निर्दलीय)- ४०,००७
बिहारी बिश्रोई
(निर्दलीय)- ३५,३६५
सहीराम बिश्नोई
(भाजपा)- ४,२४७

लूणकरनसर
कुल पोल वोट- १,४८,४५७
माणिकचंद सुराणा
(निर्दलीय)- ५२,५३२
सुमित गोदारा
(भाजपा)- ४७,७१५
वीरेन्द्र बेनीवाल
(कांग्रेस)- ३६,७४६

श्रीडूंगरगढ़
कुल पोल वोट- १,५५,५२९
किशनाराम नाई
(भाजपा)- ७८,२७८
मंगलाराम
(कांग्रेस)- ६२,०७६

खाजूवाला
कुल पोल वोट- १,३१,९७५
विश्वनाथ मेघवाल
(भाजपा)- ६१,८३३
गोविन्दराम मेघवाल
(कांग्रेस)- ५३,४७८

खाजूवाला को लेकर कांग्रेस चिंतित

कांग्रेस आलाकमान खाजूवाला विधानसभा क्षेत्र को लेकर ज्यादा चिंतित है। यहां के कांग्रेसनेता गोविन्दराम मेघवाल चुनाव लडऩे की तैयारी के साथ पिछले दिनों पत्रकारवार्ता में पार्टी के आंतरिक खींचतान को जगजाहिर कर चुके है। उनका विरोधी धड़ा गोविन्दराम की जगह अन्य को टिकट दिलाने के प्रयास में है।

वहीं दूसरी तरफ गोविन्दराम के समर्थकों ने आलाकमान तक यह बात भी पहुंचा दी है कि उनके नेता को नजरांदाज करने पर कोलायत और नोखा सीट पर भी पार्टी प्रत्याशी के लिए मुश्किलें खड़ी करेगा। हालांकि भाजपा प्रतिद्वंद्वी की इस खींचतान में अपना फायदा देख रही है।