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ट्रेन में चालानी गार्ड को आई नींद, बंदी हथकड़ी खोलकर हो गया फरार, 5 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

हरियाणा में पेशी कराकर वापस बीकानेर लाते समय एक बंदी पुलिस कर्मचारियों को चकमा देकर फरार हो गया। ट्रेन में बंदी सूरतगढ़ से कानासर के बीच फरार हुआ।

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बीकानेर। हरियाणा में पेशी कराकर वापस बीकानेर लाते समय एक बंदी पुलिस कर्मचारियों को चकमा देकर फरार हो गया। ट्रेन में बंदी सूरतगढ़ से कानासर के बीच फरार हुआ। चालानी गार्ड को कानासर इसका पता चला। उसने उच्चाधिकारियों को तुरंत सूचना दी। पुलिस ने बीकानेर संभाग में नाकाबंदी कर फरार बंदी की तलाश शुरू कर रखी है।

पुलिस के अनुसार हरियाणा के बरवाला वासु मार्केट वार्ड नंबर 16 निवासी आकाश उर्फ खुंटी पुत्र बलवीर कुमार बीकानेर केन्द्रीय कारागार का बंदी है। चोरी के मामले में सजायाता इस बंदी को 10 नवंबर 2024 को चूरू से बीकानेर जेल भेजा गया था। बंदी आकाश को हरियाणा के फतेहाबाद की सेशन कोर्ट में सोमवार को पेशी करवाने के बाद ट्रेन से मंगलवार को वापस बीकानेर लाया जा रहा था। चालानी गार्ड हवलदार रामदेव के नेतृत्व में सिपाही प्रेमराज, गुरविन्द्र, फरसाराम व पवनकुमार भी उसके साथ ट्रेन में सवार थे। रास्ते में पुलिस कर्मियों को नींद आने पर इसका फायदा उठाकर बंदी हथकड़ी खोलकर फरार हो गया।

चालानी गार्ड सस्पेंड

पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर ने बंदी फरारी के मामले में चालानी गार्ड की गंभीर लापरवाही मानी। चालानी गार्ड कमांडर हवलदार रामदेव समेत सिपाही प्रेमराज, गुरविन्द्र, फरसाराम व पवनकुमार को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच एएसपी सिटी को सौंपी गई है।

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नींद खुली तो पता चला, बंदी गायब

चालानी गार्ड कमांडर हवलदार रामदेव ने जीआरपी थाना बीकानेर में बंदी के खिलाफ दी रिपोर्ट में बताया कि हरियाणा के बरवाला वासु मार्केट वार्ड नंबर 16 निवासी आकाश उर्फ खुंटी पुत्र बलवीर कुमार को सेशन कोर्ट फतेहाबाद हरियाणा में पेशी पर लेकर गए थे। पेशी के बाद आरोपी आकाश को फतेहाबाद से भट्टु तक बस में लाए और भट्टे से ट्रेन में बैठकर बठिंडा पहुंचे। बठिंडा से अवध-आसाम ट्रेन में बीकानेर आने के लिए सवार हुए।

सूरतगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रूकी, तब बंदी आकाश को ट्रेन के लघुशंका भी कराई। इसके कुछ देर बाद ट्रेन सूरतगढ़ स्टेशन से बीकानेर की तरफ रवाना हो गई। रास्ते में सभी चालानी गार्ड को नींद की झपकी आ गई। कानासर के पास आंख खुली तो आरोपी आकाश सीट पर नहीं था। ट्रेन में तलाशी लेने पर वह नहीं मिला।