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सावन शुरू, एक माह बहेगी शिव भक्ति की सरिता

सावन शुरू हो गया। इस माह में खासतौर पर शिव आराधना का विशेष महत्व रहेगा।

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saavan month

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बीकानेर. सावन शनिवार से शुरू हो गया। इस माह में खासतौर पर शिव आराधना का विशेष महत्व रहेगा। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना व अनुष्ठान होंगे और श्रद्धालु उपवास रखेंगे। शिवालयों में रोजाना अभिषेक होंगे। वैष्णव मंदिरों में ठाकुरजी के झूले पड़ेंगे।

शहर में काशी विश्वनाथ मंदिर, अमरेश्वर महादेव, धरणीधर महादेव, महानंदजी, गोपेश्वर, रंगोलाई स्थित रामेश्वरनाथ, ब्रह्म बगीची, जस्सोलाई क्षेत्र में जनेश्वर मंदिर, लालगढ़ में मार्केण्डेश्वर, हनुमान हत्था में 12 महादेव मंदिर सहित शहर के शिवालयों में सावन में विशेष अनुष्ठान होंगे। कई श्रद्धालु पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर उसकी पूजा-अर्चना करेंगे। वहीं झूला झूलने की परम्परा का निर्वाह किया जाएगा। पार्कों में लगे झूलों में पहले दिन ही महिलाओं की भीड़ रही।

इन द्रव्यों से भी पूजन
शंकर भगवान को रिझाने के लिए जल के अलावा शहद, चीनी, गन्ने का रस, सरसों का तेल, दही से भी अभिषेक-पूजन किया जा सकता है।


यह मिलता है फल

पंचागकर्ता पंडित राजेन्द्र किराड़ू के अनुसार भगवान शिव की आराधना से सुख-समृद्धि बढ़ती है। उन्होंने कहा कि दूध-दही, जल सहित अन्य द्रव्यों से भगवान शिव का अभिषेक-पूजन करने से अलग-अलग फल का महत्व शास्त्रों में बताया गया है। इसमें मुख्य रूप से कुशामिश्रित जल से अभिषेक करने पर व्याधि से मुक्ति मिलती है।

इसी तरह मोक्ष की प्राप्ति के लिए तीर्थ के जल से अभिषक का महत्व है। बुखार से निजात दिलाने व बारिश के आह्वान के लिए भगवान शंकर का जलधारा से अभिषेक करना फलदायी बताया गया है। यश-कीर्ति, रोग से निजात, कार्य सिद्धि आदि के लिए भगवान शंकर का दुग्धाभिषेक करना चाहिए। वंश वृद्धि, स्वास्थ्य कामना, धन वृद्धि, पुरुषार्थ प्राप्ति के लिए घी से अभिषेक करना फलदायी बताया गया है।


पार्थिव शिवलिंग का महत्व
सावन में पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर उनकी पूजा-अर्चना का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता के अनुसार पुत्र कामना, लक्ष्मी प्राप्ति सहित कई कामनाओं की पूर्ति के लिए मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर पूजन-अभिषेक किया जाता है।


यहां शुरू हुआ अनुष्ठान
जैसलमेर रोड स्थित रंगा कॉलोनी में शिव आश्रम में पंडित अशोक बिस्सा के सान्निध्य में पार्थिव शिव ***** पूजन का अनुष्ठान शुरू हो गया। पहले दिन पंडित राहुल श्रीमाली, लक्ष्मीनारायण पुरोहित, शिवोम व्यास सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पार्थिव शिव ***** पूजन अनुष्ठान रक्षा बंधन तक चलेगा।

रुद्राभिषेक शुरू
पुरानी गिन्नाणी स्थित बाबा रामेदव मंदिर में पंडित श्रवण कुमार ओझा के सान्निध्य में शनिवार से रुद्राभिषेक व शिव पूजन शुरू हुआ। नित्य अभिषेक प्रत्येक सोमवार को किया जाएगा।