
चूरू जिले के सादुलपुर में कोर्ट परिसर में हत्या के बाद बीकानेर कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिवक्ता समुदाय चिंतित है। यहां भी कोर्ट परिसर की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था में कई सुराख हैं, जिनका आपराधिक तत्व फायदा उठा सकते है। यहां भी हार्डकोर अपराधियों को न्यायालयों में पेशी पर लाया जाता है, जिनका सुरक्षा के माकूल बंदोबस्त नहीं होने से कभी भी वारदात होने की आशंका रहती है।
बीकानेर कोर्ट परिसर में कुछ साल पहले फायरिंग और चाकूबाजी की घटना हो चुकी है। हालांकि दोनों की घटनाओं में जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। इसके बाद एकबारगी सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया लेकिन, धीरे-धीरे सुरक्षा व्यवस्था पुराने ढर्रे पर आ गई।
दिया ज्ञापन
अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को एडीजे, जिला कलक्टर और एसपी से मिलकर ज्ञापन दिया व कोर्ट परिसर में पुलिस चौकी स्थापित कराने, प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा गार्ड तैनात करने व कोर्ट परिसर में आने वाले की जांच मैटल डिटेक्टर से कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ अधिवक्ता मुमताज अली भाटी, विजय हर्ष, फूलचंद चौधरी, लक्ष्मण बिश्नोई, रईस अहमद कादरी, हीरालाल जोशी, किशोरसिंह शेखावत आदि अधिवक्ता शामिल थे।
सुरक्षित नहीं
सादुलपुर कोर्ट में हुआ हत्याकांड निंदनीय है। कोर्ट परिसर ही अब सुरक्षित नहीं है। बीकानेर कोर्ट परिसर में पूर्व में कई घटना हो चुकी है। यहां सुरक्षा के पुख्ता बंदोबश्त किए जाने चाहिए।
- अजय पुरोहित, पूर्व अध्यक्ष बार एसोसिएशन, बीकानेर।
ज्ञापन दिया
सादुलपुर कोर्ट की घटना निंदनीय है। सुरक्षा व्यवस्था में कमी से अपराधी कोर्ट रूम में तक पहुंच जाते है। ऐसे में अधिवक्ता एवं न्यायिक कर्मचारी भी असुरक्षित महसूस करते हैं। यहां सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने तथा पुलिस चौकी करने के लिए एडीजे व प्रशासन को ज्ञापन दिया गया है।
-रविकांत वर्मा, अध्यक्ष बार एसोसिएशन, बीकानेर।
कमांडो तैनात
थाना और कोर्ट परिसर ज्यादा दूर नहीं है। कोर्ट परिसर से दिनभर पुलिस का आवागमन रहता है। जब हार्डकोर अपराधी को कोर्ट में पेश किया जाता है तो क्यूआरटी के हथियारबंद कमांडो तैनात रहते हैं। सुरक्षा में कोई कमी नहीं है।
- लक्ष्मणसिंह राठौड़, सीआई सदर थाना, बीकानेर।
Published on:
19 Jan 2018 02:55 pm
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