
शीतलाष्टमी पर भरा मेला, शीतला माता का किया जलाभिषेक, नमक व बास्योड़ा खाद्य सामग्री का लगाया भोग,शीतलाष्टमी पर भरा मेला, शीतला माता का किया जलाभिषेक, नमक व बास्योड़ा खाद्य सामग्री का लगाया भोग
बीकानेर. माता ए म्हारे टाबरियों रे ठंड रा झाला देवो ए....सरीखे भजनों से सोमवार को श्रद्धालुओं ने शीतला माता से बच्चों के स्वास्थ्य की कामना की। शीतलाष्टमी पर शीतला माता का जलाभिषेक किया गया। पूजा-अर्चना के बाद घरों में बनाए गए पकवानों, खाद्य सामग्री व नमक का भोग माताजी के लगाया गया। घरों में महिलाओं ने नई मटकी का पूजन किया। मटकी के ऊपर गर्धभ की आकृति उकेर कर पूजा-अर्चना की। कई स्थानों पर गर्धभ पूजन भी किया गया। पूजन के बाद घरों मंे रविवार को बनाए गए पकवानों(बास्योडा) का सेवन किया। इसके बाद ही चूल्हा जलाया गया। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने पहले बासी भोजन का ग्रास लिया इसके बाद चाय-दूध का सेवन किया।
राबड़ी-बाजरे की रोटी
मान्यता के अनुसार शीतलाष्टमी से घरों खानपान बदल जाता है। इस पर्व पर एक दिन पहले पकाए गए भोजन का सेवन दूसरे दिन करते हैं। इसमें मुख्य रूप से बाजरे के आटे से बनी राबड़ी, गुड राबड़ी, बाजरे आटे की रोटी, बेसन की पुडि़यां, सांगरी, ग्वारपाटा की सब्जी, दही इत्यादि के सेवन का महत्व है।
यहां भरा मेला
शीतला गेट के अंदर स्थित प्राचीन शीतलाष्टमी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। मंदिर के बाहर मेला भरा। जहां महिलाओं और बच्चों ने खान-पान के साथ ही झुलों का लुत्फ उठाया। इस दौरान मंदिर में दर्शनार्थियों की भीड़ रही।
Published on:
17 Mar 2020 06:06 am
