
श्रीराम कथा: श्रीराम अवतरण की कथा में वंदना व भजनों पर झूमे श्रद्धालु
नोखा. मूलवास-सीलवा में स्थित पदम पैलेस में चल रही श्रीराम कथा में मंगलवार को भगवान श्रीराम का अवतरण हुआ। चौथे दिन कथा व्यास मुरलीधर महाराज ने प्रभू श्रीराम के अवतरण की कथा का श्रोताओं को रसपान कराया। उन्होंने राजा दशरथ के घर प्रभू श्रीराम के अवतरण पर अवध के लोगों द्वारा खुशियां मनाने के वृतांत को भजनों से जोड़ते हुए जैसे ही 'भए प्रगट कृपाला दीनदयाला... कौशल्या हितकारीÓ समधुर गाना शुरू किया, तो कथा में मौजूद श्रोतागण झूमने पर मजबूर हो गए। यहां तक कि गोसेवी पदमाराम कुलरिया भी अपने आप को नहीं रोक पाए और थिरकने लगे। उन्होंने अवध में आनंद भयो जय कौशल्या लाल की...अवध में प्रगट चार-चार ललनवा... वो नर पशु समान जारां धूड़ जमारा रे...राम रे नाम हिए में धारो रे...आदि भजन सुनाए, तो श्रोतागण उनके साथ-साथ गुनगुनाते नजर आए।
जीवन में भक्ति नहीं, तो निर्जीव समान
श्रीराम कथा में कथा व्यास संत मुरलीधर महाराज ने कहा कि मानस में आया है और जीवन में भक्ति नहीं है, तो निर्जीव समान है। हर सांस में भगवान का नाम ही उच्चारित होना चाहिए।
व्यास पीठ का पूजन
मंगलवार को कथा शुभारम्भ से पूर्व मुख्य यजमान गोसेवी पदमाराम कुलरिया व धर्मपत्नी हरप्यारी देवी कुलरिया, संत दुलाराम कुलरिया की धर्मपत्नी रामप्यारी देवी, उगमाराम-चंपा देवी, देवाराम-जमना देवी, मघाराम-नेनी देवी, कानाराम-मुन्नी देवी, शंकर कुलरिया-पार्वती देवी, धर्मचंद कुलरिया-मीरा देवी, भंवर कुलरिया-मुन्नी देवी, सुरेश-सुष्मिता देवी, नरेश, पुखराज, पंकज सहित परिवारजनों व रिश्तदारों ने रामायण व व्यास पीठ का पूजन करके आरती उतारी।
संतों का अभिनंदन
संत समागम में आए रोड़ा धाम महंत भंवरदास, संत पांचाराम मेड़ता, ईश्वरनाथ लिखमासर, गिरधारीनाथ जसरासर, भुकनगिरि चुराई धोरा, सरस्वती नाथ राजलदेसर, आचार्य शिव शास्त्री वृंदावन, प्रहलाददास महाराज बुटाटी धाम, लक्ष्मणनाथ दावा आदि साधु-संतों सहित विशिष्ट अतिथियों का गोसेवी पदमाराम कुलरिया व पुत्र कानाराम-शंकर-धर्म कुलरिया ने अभिनंदन किया।
Published on:
14 Nov 2018 08:43 am
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