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SI RECRUITMENT CHEATING CASE : उपनिरीक्षक श्रवण व मंजू सेवा से बर्खास्त, पुलिस महकमे में हड़कंप

दोनों आरोपियों ने अपनी जगह डमी कैंडीडेट को बैठा कर परीक्षा दिलवाई थी। यह दोनों अभी न्यायिक अभिरक्षा में जयपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं।

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उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में बीकानेर रेंज पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश ने मंगलवार को दो उपनिरीक्षकों को राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया। इस संबंध में मंगलवार को आदेश जारी किए गए। आदेश में बीकानेर के बज्जू खालसा निवासी श्रवण कुमार गोदारा पुत्र बीरबलराम बिश्नोई और बाड़मेर के धोरीमन्ना के गुलसानियों की ढाणी निवासी मंजू बिश्नोई पुत्री गोगाराम बिश्नोई को राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। दोनों आरोपियों ने अपनी जगह डमी कैंडीडेट को बैठा कर परीक्षा दिलवाई थी। यह दोनों अभी न्यायिक अभिरक्षा में जयपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। गौरतलब है कि दो महीने पहले आईजी ने प्रशिक्षु उप निरीक्षक श्रीगंगानगर के करणपाल गोदारा, जगराम, मनीष बेनीवाल, श्रवण कुमार, मनीष, अंकिता गोदारा, बीकानेर की मंजू विश्नोई और हनुमानगढ़ की मंजू देवी को निलंबित किया था। बीकानेर रेंज के अलावा जयपुर, उदयपुर और कोटा रेंज के 11 प्रशिक्षु एसआई को भी निलंबित किया गया था।

अब तक 89 गिरफ्तार

एसओजी ने उप निरीक्षक पेपर लीक मामले में आधा दर्जन गैंग के 47 आरोपी गिरफ्तार किए हैं, जिसमें जगदीश बिश्नोई, पोरव कालेर, अशोक नाथावत, भूपेन्द्र सारण, शेर सिंह मीना, गमाराम व अन्य शामिल हैं। इनके अलावा मामले में 42 ट्रेनी थानेदार गिरफ्तार किए गए हैं।

यह है मामला

वर्ष 2021 में उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित हुई। नकल प्रकरण में एसओजी की ओर से जांच की गई। प्रदेशभर के कई प्रशिक्षु उप निरीक्षकों की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद गिरफ्तारियां शुरू हुईं। एसओजी अब तक 89 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से 27 जमानत पर रिहा हो चुके हैं। शेष न्यायिक अभिरक्षा में हैं।