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बेड़ियों से मुक्त हुआ भंवर, अपना घर ने शुरू कराया इलाज

सामाजिक सरोकार : मानसिक बीमारी से पीडि़त है भंवर मेघवाल, अपनाघर ने शुरू कराया इलाज

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Social concerns : bhanwar suffering from mental illness

वर्षों से मानसिक बीमारी से पीडि़त और बार-बार अपने घर में बेडिय़ों में कैद रहने को मजबूर भंवर मेघवाल का अब उचित उपचार व बेहतर देखभाल हो सकेगी। रानी बाजार क्षेत्र स्थित अपनाघर आश्रम की ओर से भंवर को अपनाया गया है और इलाज शुरू करा दिया है।

राजस्थान पत्रिका में 'मानसिक असंतुलन का दंश, बेडि़यों में जकड़ी है भंवर की जिंदगी' शीर्षक समाचार के प्रकाशित होने के बाद अपनाघर आश्रम के अध्यक्ष द्वारका प्रसाद पच्चीसिया और सचिव अशोक मूंधड़ा ने आश्रम की टीम को शोभासर भेजकर भंवर के परिवारजनों से सम्पर्क किया व स्थिति की जानकारी ली। भंवर के परिवारजनों ने आश्रम प्रबंधक को लिखित में भंवर की स्थिति की जानकारी देते हुए उचित उपचार व बेहतर देखभाल करने की अनुमति दी।

आश्रम से जुड़े रमेश राठी और राजू शर्मा, भंवर मेघवाल को अपनाघर आश्रम लेकर आए और भंवर का मेडिकल चैकअप करवाकर उचित देखभाल शुरू की गई। भंवर अपनाघर आश्रम में स्वास्थ्य लाभ कर रहा है।

'राजस्थान पत्रिका' ने उजागर की पीड़ा
मानसिक असंतुलन का दंश झेल रहे शोभासर निवासी भंवर मेघवाल की पीड़ा और परिजनों की इलाज नहीं करा पाने की बेबसी को 'राजस्थान पत्रिका' ने उजागर किया था। 11 सितम्बर को प्रकाशित समाचार में भंवर की मानसिक स्थिति, लकवाग्रस्त पिता सहित परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति, भंवर का उचित इलाज नहीं हो पाना, परिवार की मजबूरियों को बताया गया था।

नवजात की कुशलक्षेम पूछी
पीबीएम के शिशु अस्पताल की नर्सरी में भर्ती नवजात शिशुओं की कुशलक्षेम पूछने के लिए शुक्रवार को बाल कल्याण समिति के पदाधिकारी पहुंचे। इनमें समिति की सदस्या अरुणा भार्गव एवं हाजरा बानो शामिल थी। भार्गव ने बताया कि डॉ. सत्यप्रकाश से नवजात बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। दोनों बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार है। फिलहाल नर्सरी में भर्ती है। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व रात को जनाना अस्पताल के पास बने पालनाघर के पास कोई नवजात बेबी को छोड़कर चला गया। वहीं एक बच्ची चूरू से आई है।