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अलग-अलग होगी वाकपीठ संगोष्ठी

माध्यमिक व प्रारम्भिक संस्था प्रधानों की वाकपीठ को लेकर निर्देश प्रारम्भिक एवं माध्यमिक शिक्षा के संस्था प्रधानों की अगले महा प्रस्तावित वाक्पीठ संगोष्ठी अब अलग-अलग होगी।

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Speech symposium will be different

अलग-अलग होगी वाकपीठ संगोष्ठी

बीकानेर. प्रारम्भिक एवं माध्यमिक शिक्षा के संस्था प्रधानों की अगले महा प्रस्तावित वाक्पीठ संगोष्ठी अब अलग-अलग होगी।

इसको लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशक हिमांशु गुप्ता ने संभागीय संयुक्त निदेशक, सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए है। इसके अनुसार अब वाकपीठ संगोष्ठी संयुक्त होने के बजाय अलग-अलग करवाई जाएगी।
यह संगोष्ठी सत्रारंभ में अगस्त में होती है, इसके बाद फरवरी में भी होगी। गौरतलब है कि बीते दो साल से यह संगोष्ठी संयुक्त रूप से करवाई जा रही थी। स्कूल सत्र शुरू होने पर संस्था प्रधानों के साथ जिला शिक्षा अधिकारी इस संगोष्ठी में भाग लेते हैं।

'तकनीकी शिक्षा समाज की मांग

बीकानेर. तकनीकी विश्वविद्यालय एवं एसकेआरएयू के संयुक्त तत्वाधान में आइएबीएम परिसर में सार्वभौमिक मानवीय मूल्य विषय पर आठ दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शुक्रवार को शुरू हुई। वायु सेना के पूर्व एयर मार्शल महावीर सिंह शेखावत ने इसकी शुरुआत की। संयोजक डॉ. अल्का स्वामी ने बताया कि कार्यशाला का उद्धेश्य इंजीनियरिंग, प्रबंधन एवं कृृषि व्याख्यताओं को मानवीय मूल्यों की जानकारी देना और समाज में तकनीकी शिक्षा व प्रबन्धन, कृषि के छात्र-छात्राओं में मानवीय मूल्य स्थापित करना है। इसमें 4 राज्यों के 22 महाविद्यालयों के संकाय के इस विषय पर लेवल-1 की कार्यशाला का प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
अध्यक्षता एसकेआरएयू के कुलपति प्रो.आर.पी.सिंह ने की।

बीटीयू के कुलपति प्रो. एच.डी. चारण ने तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को जीवन में स्थापित करे करने की प्रेरणा दी।