
अपनों ने दिए जख्म तो परायों ने लगाया मरहम
बीकानेर. कलियुगी पिता की पिटाई के शिकार मासूम बच्चों की मदद के लिए समाजसेवी व अन्य लोग आगे आए हैं। अपनों ने दिए जख्मों पर अब पराए लोग मरहम लगाने में जुटे गए हैं। पीडि़त मासूमों की मदद के लिए बुधवार को पीबीएम के ट्रोमा अस्पताल में तांता लगा रहा। कोई चाय-बिस्किट लेकर तो कोई दूध और रोटी लेकर पहुंचा। पति से मिले जख्मों के बाद परायों की सहानुभूति से पानादेवी की आंखों में आंसू आ गए। वहीं मासूम बच्चों को भी भरपूर प्यार मिला।
मासूम बच्चों व महिला से मारपीट की जानकारी मिलने पर बुधवार सुबह बाल कल्याण समिति अध्यक्ष वाईके शर्मा 'योगीÓ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बच्चों की मां पानादेवी, नाल पुलिस और पीबीएम चौकी से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। योगी ने बताया
कि पानादेवी शोभासर की रहने वाली है।
उसके पूर्व पति कानाराम से चार पुत्र-पुत्रियां हैं। उसका सात वर्षीय बेटा पूर्व पति के माता-पिता के पास रहता है। दो पुत्र व एक पुत्री उसके साथ रहती है। सोमवार को उसके दूसरे पति श्यामलाल ने शराब के लिए पैसे नहीं देने पर छड़ी व बेल्ट से पिटाई की। पानादेवी ने बताया कि उसके पास कोई पहचान-पत्र नहीं है और न ही विवाह का कोई प्रमाण है। एक माह पूर्व ही वह श्यामलाल के नाते गई थी।
पत्नी ने दी रिपोर्ट
मासूम बच्चों की पिटाई करने वाले पिता के खिलाफ नाल पुलिस थाने में मामला दर्ज हुआ है। आरोपित की पत्नी पानादेवी ने रिपोर्ट में पति स्वरूपदेसर निवासी श्यामलाल पुत्र बेगाराम नायक पर शराब के लिए पैसे देने से मना करने पर बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगाया है।
राजस्थान पत्रिका ने उजागर की पीड़ा
राजस्थान पत्रिका ने १० अक्टूबर को 'कलयुगी बाप ने ढहाया कहर, एक और तीन साल के बेटे-बेटी को बेरहमी से पीटाÓ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर उनकी पीड़ा को उजागर किया था। इसके बाद नाल पुलिस पीडि़तों के बयान लेने पीबीएम के ट्रोमा अस्पताल पहुंची थी।
Updated on:
11 Oct 2018 09:36 am
Published on:
11 Oct 2018 09:36 am
