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फीस वृद्धि के विरोध में छात्रों ने किया प्रदर्शन

एमजीएसयू के तहत आने वाले सभी महाविद्यालयों में धरना, प्रदर्शन किए जाएंगे, कॉलेज बंद कराए जाएंगे।

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महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय की ओर से बढ़ाए गए परीक्षा शुल्क के विरोध में छात्र संगठनों का विरोध जारी है। गुरुवार को विश्वविद्यालय छात्रसंघ ने प्रदर्शन के बाद कुलपति को ज्ञापन सौंपा। छात्रसंघ के अध्यक्ष जयवीर ङ्क्षसह व विधि कॉलेज के अध्यक्ष अशोक बिश्नोई ने कहा कि अगर बढ़ी हुई फीस पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो

एमजीएसयू के तहत आने वाले सभी महाविद्यालयों में धरना, प्रदर्शन किए जाएंगे, कॉलेज बंद कराए जाएंगे। विधि कॉलेज के अध्यक्ष ने रोष जताते हुए कहा कि एलएलबी की फीस तीन गुना बढ़ा दी गई है, इस कारण ग्राीमण क्षेत्र के विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रतिनिधि मंडल में योगेन्द्र ङ्क्षसह, रणजीत ङ्क्षसह, महेन्द्र ङ्क्षसह, सुनील धायल, सत्येन्द्र ङ्क्षसह आदि शामिल हुए।

छात्रों में आक्रोश
फीस वृद्धि के विरोध में विधि कॉलेज के अध्यक्ष ने शुक्रवार को राजकीय विधि कॉलेज, रामपुरिया लॉ कॉलेज, ज्ञान विधि कॉलेज बंद कराने का आह्वान किया है।

कॉलेज का गेट बंद कर प्रदर्शन
फीस वृद्धि के विरोध में गुरुवार को जनक्रांति फाउण्डेशन की ओर से राजकीय विधि महाविद्यालय के मुख्य गेट पर प्रदर्शन कर रोष जताया। कुलपति व उच्च शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संरक्षक कुलदीप कड़ेला ने बताया कि समय रहते परीक्षा शुल्क की वृद्धि को वापस नहीं लिया तो छात्र आंदोलन की रुपरेखा बनाएंगे। छात्रों ने आरोप लगाया कि
फीस तीन गुना बढ़ाई गई है जो अनुचित है।

एसएफआई भी विरोध में
स्टूडेन्टस फैडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने भी फीस वृद्धि का विरोध किया है। एसएफआई के जिलाध्यक्ष कुलदीप शेखावत के नेतृत्व में कुलपति से वार्ता की। छात्रों ने रोष जताते हुए कहा कि फीस वृद्धि वापस नहीं लेने पर कुलपति सचिवालय के बाहर महापड़ाव डाला जाएगा। प्रतिनिधि मंडल में ओपी सिद्ध, सलील खत्री, प्रफुल आदि शामिल हुए।

एबीवीपी छात्रों पर लाठी भांजने के मामले में कांस्टेबल निलंबित
एबीवीपी छात्रों पर लाठी भांजने के मामले में जिला पुलिस अधीक्षक सवाईसिंह गोदारा ने एक कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है। इस संबंध में उन्होंने आदेश जारी किए। निलंबित सिपाही का मुख्यालय पुलिस लाइन बीकानेर रहेगा।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लाठीचार्ज मामले की जांच सीओ सदर राजेन्द्रसिंह को सौंपी गई थी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर प्रथम दृष्टया कांस्टेबल रामनिवास बिश्नोई दोषी पाया गया।

जिस पर उसे निलंबित कर दिया गया है। गौरतलब है कि 27 नवंबर को एबीवीपी छात्र डूंगर कॉलेज में स्पोट्र्स कॉम्लेक्स का निर्माण कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। इस दरम्यिान छात्रों और पुलिस के बीच गहमा-गहमी हो गई।

तभी पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिससे लाठीचार्ज में छात्र मानवेन्द्रसिंह, हेमन्त भाटी, देवेन्द्रसिंह ख्याली एवं पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मांगीलाल गोदारा चोटिल हो गए। घटना के विरोध में छात्रों ने कलक्ट्रेट के सामने धरना दे दिया। इसके बाद शाम को कलक्टर व एसपी से वार्ता के बाद छात्रों ने धरना हटाया।


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