
sursagar
सूरसागर की सफाई के चलते १२ दिन से रास्ता बंद कर रखा है। नतीजन रोजाना हजारों वाहन चालक और राहगीर परेशान हो रहे है। वाहन चालक और राहगीर जूनागढ़ के पीछे से होकर निकलते है। एेसे में रोजाना दिनभर जाम लगा रहता है और वाहन चालक उलझते रहते है। गुरुवार को पानी सिर से निकल गया और खून-खराबे की नौबत तक आ गई। प्रशासन ने रास्ता रोककर यातायात डायवर्ट करने के लिए कोई पुलिसकर्मी नहीं लगा रखे। सूरसागर की सूरक्षा में चौबीस घंटे पुलिसकर्मी तैनात है लेकिन जनता को ट्रैफिक की परेशानी से राहत दिलाने के लिए एक भी नहीं है।
बीकानेर. जूनागढ़ के पीछे गुरुवार शाम ६ बजे। दर्जनों वाहन जाम से जूझ रहे है। इसी बीच दो युवक एक टैक्सी चालक पर लाठी और चाकू से हमला कर देते है। वारदात करने वाले बाइक पर सवार होकर फरार। इसके बाद अन्य टैक्सी चालक घायल टैक्सी चालक को लेकर पीबीएम अस्पताल जाते है। वारदात से जहां सनसनी फैल जाती है वहीं जाम और ज्यादा बढ़ जाता है। यहां ना कोई पुलिस वाला आता है और ना ही यातायात को व्यवस्थित करने के लिए कोई व्यवस्था है।
साइड देने को लेकर झगड़े
जानकारी के अुनसार श्रीरामसर निवासी राजू (३२) पुत्र इन्द्रचंद नाई टैक्सी चलाता है। गुरुवार शाम जूनागढ़ के पीछे जाम में उसकी दो युवकों से साइड देने को लेकर कहासुनी हो गई। इसी बात को लेकर दो युवकों ने टैक्सी चालक राजू पर लाठी व चाकू से हमला कर दिया। उसकी पीठ व पेट पर चाकू के वार किए। जिससे वह लहूलुहान होकर अचेत हो गया। वहां मौजूद अन्य लोग ने घायल को दूसरी टैक्सी से पीबीएम के ट्रोमा सेंटर पहुंचाया। जहां देर रात तक उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। वारदात की सूचना पर कोटगेट पुलिस मौके पर पहुंची।
युवक के शरीर पर चाकू से हमला किया है। वह पीबीएम के ट्रोमा सेंटर में भर्ती है। उसके बयान होने के बाद ही स्थिति में नहीं है। उसके बयानों के बाद ही पता चल सकेगा कि आखिर हमला क्यों किया। पुलिस जांच में जुट गई है।
अरविंद भारद्वाज, सीआइ कोटगेट थाना
हमले को लेकर कई बातें
हैडपोस्ट ऑफिस के पास ऑटो चालक पर हमले को लेकर कई तरह की अफवाह रही। कोई जाम के कारण साइड नहीं देने की बात पर झगड़ा होना बताया तो किसी ने पीडि़त और आरोपितों के बीच आपसी रंजिश होना बताया। घायल को देर रात तक होश नहीं आया इसलिए पुलिस उसके बयान नहीं ले पाई।
जनता का भी सोचें
सूरसागर मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसकी सफाई के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक रखी है। परन्तु इसके लिए जनता का सुख-चैन दाव पर लगाना ठीक नहीं। करीब एक पखवाड़े से जूनागढ़ के सामने के मार्ग को बंद करने से हजारों लोग परेशान हो रहे है। जाम में फंसे लोगों का तैश में आकर जानलेवा हमले करना कोई छोटी घटना नहीं। जिला प्रशासन को अपनी परफोर्मेंस के लिए जनता की अनदेखी करना छोडऩा चाहिए।
Published on:
03 Aug 2018 07:49 am
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