
solar energy
महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) बिजली के मामले में आत्मनिर्भर होने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। उसने सूरज की ताप से चलने वाली सोलर लाइटें विश्वविद्यालय परिसर में लगाने का निर्णय लिया है। पहले चरण में करीब 250 रोड लाइटें लगाई जाएगी,
जिनके साथ ही सोलर प्लेट और बेट्री लगी होगी। इसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में होने वाली बिजली की खपत को पूरा करने के लिए बड़ा प्रोजेक्ट लगाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन की मानें तो प्रथम चरण में शुरू हुई परियोजना के तहत करीब एक सौ लाइटों को लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। दो-तीन दिन में पूरे परिसर में सोलर लाइटें लग जाएगी।
होंगे आत्मनिर्भर, फिर देंगे बिजली
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि सोलर लाइटें लगाने का उद्देश्य बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना है। दूसरे चरण में इससे बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया जाएगा। इस संबंध में यह देखा जा रहा है कि विश्वविद्यालय में बिजली की कितनी खपत हो रही है और द्वितीय चरण में लगाई जाने वाले प्रोजेक्ट से कितनी बिजली का उत्पादन होगा। अगर अतिरिक्त उत्पादन होता है तो अतिरिक्त बिजली की आपूर्ति सरकार को की जाएगी।
चार दिन में काम पूरा
विश्वविद्यालय बिजली में स्वयं को आत्मनिर्भर बनाना चाहता है। इसके लिए पूरे विश्वविद्यालय परिसर में सोलर लाइट लगाई जा रही है। इसका काम तीन-चार दिन में पूरा हो जाएगा।
प्रो भागीरथसिंह, कुलपति, एमजीएसयू, बीकानेर
Published on:
18 May 2017 09:44 am
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