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वर्दी पुलिस की आन, बान और शान, फिर भी पहनने से परहेज क्यों?

महकमे के सिपाही से लेकर अफसर तक टोपी पहनने से परहेज कर रहे हैं।

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police uniform

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जयप्रकाश गहलोत/बीकानेर. पुलिस की शान उसकी वर्दी और टोपी को माना जाता है। खाकी पेंट-शर्ट व टोपी वाली वर्दी से ही आमजन में पुलिस की छवि उभरती है और उन्हें कानून का रखवाला मानते हैं, लेकिन महकमे के सिपाही से लेकर अफसर तक टोपी पहनने से परहेज कर रहे हैं।

पुलिस मुख्यालय पूरी वर्दी पहनने के कई बार आदेश जारी कर चुका है। इसके बावजूद पुलिसकर्मी पूरी वर्दी नहीं पहन रहे हैं।
मुख्यालय ने हाल ही फिर स्मरण-पत्र जारी कर पुलिस अधीक्षकों को अधीनस्थ कर्मियों को पूरी वर्दी पहनने के लिए पाबंद करने की हिदायत दी है।

नियमों के अनुसार पुलिसकर्मियों के लिए टोपी पहनना उतना ही जरूरी है, जितना पेंट-शर्ट, नेम प्लेट, बैज, बेल्ट और जूते-मौजे पहना होता है। इनमें से एक चीज मौजूद न हो तो वर्दी पूरी नहीं मानी जाती। ट्रेनिंग में भी पुलिस वालों पूरी वर्दी का महत्त्व बताया जाता है।
ट्रेनिंग के दौरान पाठ पढ़ाया जाता है कि खाकी यूनिफॉर्म पुलिस की शान है,

लेकिन अधिकतर पुलिसकर्मी टोपी को मोड़कर बेल्ट या जेब में ठूंस लेते हैं। कोई बाइक के हैंडल में लटकाकर रखता है तो कोई उसे बैग में डाल लेता है। थानों तक में इन्हें टेबल पर पटक देते हैं। पुलिसकर्मी कई तरह के बहाने बनाकर टोपी लगाने से बच रहे हैं। यह अनुशासनहीता के साथ टोपी का अपमान भी है।

मुख्यालय ने माना गंभीर
पुलिस मुख्यालय के हाल ही जारी आदेश में कहा गया है कि कुछ पुलिसकर्मी और अधिकारी आदेशों की पालना नहीं कर रहे। टोपी नहीं पहनते और चमड़े की बेल्ट का प्रयोग नहीं कर प्लास्टिक व नाइलोन की वैब बेल्ट उपयोग में लेते हैं। साथ ही नेमप्लेट भी मनमर्जी से लगा लेते हैं। मुख्यालय ने इसे गंभीर माना है और पुलिस अधीक्षकों को नियमों को अनुरूप वर्दी नहीं पहनने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

यह है टोपी का प्रारूप
सिपाही से उपनिरीक्षक तक को खाकी टोपी पहननी होती है, जिसे बेरिट कैप कहते हैं। एएसपी से डीजी तक को नीली कैप पहननी होती है और कमांडो की टोपी का रंग काला होता है। उपनिरीक्षक से डीजी तक के अधिकारी विशेष आयोजन पर पी कैप (छज्जे वाली) पहनते हैं।

कार्रवाई करेंगे
वर्दी पुलिस की आन, बान, शान का प्रतीक है। वर्दी को लेकर मुख्यालय से निर्देश मिलते रहते हैं, जिन्हें मुलाजिमों को बता दिया जाता है। आदेशों का उल्लंघन करना अनुचित है। निर्धारित वर्दी नहीं पहनने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
सवाईसिंह गोदारा, पुलिस अधीक्षक, बीकानेर