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वाल्मीकि समाज ने मांग पूरी नहीं होने पर दी आन्दोलन की चेतावनी

29 जनवरी तक मांगों पर गौर नहीं होता है तो वाल्मीकि समाज सामूहिक संघर्ष समिति एवं समाज के लोग धरना-प्रदर्शन करेंगे

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जनसंख्या के आधार पर नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की भर्ती करने, ठेके पर कार्य कर रहे बेरोजगार कर्मचारियों को भर्ती में प्राथमिकता देने सहित दस सूत्री मांगों को लेकर वाल्मीकि समाज के लोगों ने सोमवार को निगम आयुक्त का घेराव किया। उन्होंने आयुक्त से कहा कि यदि 29 जनवरी तक मांगों पर गौर नहीं होता है तो वाल्मीकि समाज सामूहिक संघर्ष समिति एवं समाज के लोग धरना-प्रदर्शन करेंगे।

पार्षद नन्दलाल जावा के नेतृत्व में लोगों ने आयुक्त को बताया कि शहर की जनसंख्या सात लाख से ऊपर हो चुकी है और नगर निगम में सफाई कर्मचाररी वर्ष 1981 की जनसंख्या के आधार पर स्वीकृत 1661 पदों से भी कम हैं। वर्तमान में महज 1098 सफाई कर्मचारी ही कार्यरत हैं।

आयुक्त से शेष 563 पदों पर शीघ्र भर्ती करने की मांग की गई। ज्ञापन में सफाई कर्मचारी भर्ती में वाल्मीकि समाज के सफाई से संबंधित वर्ग को प्राथमिकता देने, बेगार प्रथा में सफाई कार्य पर कार्यरत महिला-पुरुषों को प्राथमिकता देने, पूर्व में आवंटित सर्किलों की सफाई पुन: शुरू करने सहित कई मांगें रखी।

जरूरत 2600 की
घेराव के दौरान आयुक्त को बताया कि शहर की जनसंख्या के अनुसार नगर निगम में 2600 सफाई कर्मचारियों की जरूरत है। आधे से भी कम सफाई कर्मचारियों के कारण शहर की सफाई व्यवस्था सुदृढ़ एवं नियमित नहीं हो रही है और कार्यरत कर्मचारियों को शोषण हो रहा है। प्रदर्शन एवं घेराव के दौरान राकेश सियोता, हुकमचन्द जावा, ओमप्रकाश लोहिया, ललित तेजस्वी, सुखदेव जावा, सतीश चांवरिया, रवि पण्डित, विजय पण्डित, खेमचन्द तेजी, सुरेन्द्र जावा सहित समाज के लोग मौजूद थे।

तीन दिन सामूहिक अवकाश पर रहेंगे कर्मचारी
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में सातवें वेतनमान का नकद भुगतान देने, वेतन कटौती वापस लेने सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर २२ से २४ जनवरी तक तीन दिन के लिए कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। संघर्ष समिति के जयकिशन पारीक ने बताया कि कर्मचारियों की विभिन्न जायज मांगों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है, एेसे में कार्मिकों में रोष बढ़ता जा रहा है। इस संबंध में कर्मचारियों से संपर्क कर टोलियां बनाई जा रही है।