
बीकानेर . निराश्रित पशुओं की समस्या से निजात के लिए जिला कलक्टर की ओर से प्रस्तावित अराजीराज भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है। पीएचईडी को आवंटित ७८.४२ हैक्टेयर भूमि का आवंटन निरस्त कर यह भूमि निराश्रित पशुओं की गोशाला के लिए स्थानीय निकाय को हस्तांतरण का प्रस्ताव राज्य सरकार के समक्ष विचाराधीन है।
इस मसले पर जिला कलक्टर का प्रस्ताव संयुक्त शासन सचिव राजस्व के स्तर पर विचाराधीन है। निराश्रित पशुओं की समस्या पर बीकानेर में कांग्रेस की ओर से आन्दोलन भी चल रहा है। वहीं महापौर के स्तर पर पिछले एक वर्ष से कार्रवाई की जा रही है। जिला कलक्टर के स्तर पर भी आन्दोलनरत शिष्टमंडल को कई बार आश्वासन दिया है कि
भूमि हस्तान्तरण की कार्रवाई शीघ्र होनी है।
इन सब प्रयासों के बावजूद भूमि हस्तान्तरण का प्रस्ताव अभी तक फलीभूत नहीं हुआ है। सुजानदेसर की पीएचईडी को आवंटित ७८.४२ हैक्टेयर भूमि का जिला कलक्टर ने आवंटन निरस्त कर दिया था। इसमें से ७०.१४ हैक्टेयर भूमि अराजीराज तथा ८.२८ हैक्टयर भूमि गोचर की हो गई।
गोचर की इस भूमि के बदले राज्य सरकार ने कालासर में ७०.१४ हैक्टयर भूमि गोचर के रूप में बदले में पहले ही दे दी थी। नगर विकास न्यास ने इस भूमि की एनओसी दे दी है। अब जिला कलक्टर की ओर से इस अराजीराज भूमि को स्थानीय निकाय को हस्तान्तरण के प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज रखे हैं। राज्य सरकार की स्वीकृति अभी तक नहीं मिली है।
अराजीराज भूमि का २०१० के सर्कुलर के तहत हस्तांतरण होना है। इसकी स्वीकृति के बाद भूमि का स्थानीय निकाय को हस्तान्तरण होने के बाद निकाय को लगान की राशि जमा करवानी होगी। इसके बाद गोशाला खोलने की कार्रवाई हो सकेगी।
फाइल राजस्व मंत्री के पास, शीघ्र ही निर्णय
निराश्रित पशुओं के लिए गोशाला की भूमि नगर निगम को हस्तांतरण की फाइल राजस्व मंत्री के पास निर्णय के लिए गई है। सोमवार को इस मामले में वे संयुक्त सचिव राजस्व हरिमोहन मीणा से जयपुर में मिले। मीणा ने बताया कि फाइल मंत्री के पास निर्णय के लिए भेजी गई है। उम्मीद है कि शीघ्र ही निगम को गोशाला के लिए भूमि हस्तांतरण
की स्वीकृति मिल जाएगी।
नारायण चौपड़ा, महापौर नगर निगम बीकानेर
Published on:
20 Feb 2018 12:47 pm
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