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बदहाली का आलम: स्टेशन पर पानी की किल्लत, एक माह बीत जाने के बाद भी कोई ध्यान नहीं

रेलवे का संबंधित विभाग से ओर एक माह बीत जाने के बाद भी को ध्यान नहीं दे रहा है।

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railway station

रेलवे स्टेशन

सूडसर. सूडसर कस्बे के रेलवे स्टेशन पर पीने के पानी के लिए मुसाफिर भटकने को मज***** है। रेलवे का संबंधित विभाग से ओर एक माह बीत जाने के बाद भी को ध्यान नहीं दे रहा है। इससे मुसाफिरों के साथ रेलवे कॉलोनी के क्वार्टरों में रहने वाले रेलकर्मी परिवारों को भी को पीने के पानी की परेशानी झेलनी पड़ रही है। सूडसर रेलवे स्टेशन एवं रेलवे क्वार्टरों में सवा महीने से पीने की पानी की किल्लत बनी है।

यहां पर उत्तर-पश्चिम रेलवे का नलकूप बना है। किन्तु रेलवे के संबंधित विभाग के कार्मिकों ने आनन-फानन में फेल घोषित कर दिया है और वैकल्पिक तौर पर रेलवे स्टेशन व रेलवे कॉलोनी के लिए ठेकेदार के मार्फत पानी की व्यवस्था बनाई गई है। इसके बावजूद भी रेलवे का सूडसर एवं यहां के रेलवे कॉलोनी क्वार्टरों में पानी की किल्लत बनी है। स्थानीय समाज सेवादारों द्वारा भी रेलवे स्टेशन पर पानी की व्यवस्था समय समय पर की जा रही है।

किन्तु यह *****्थायी व वैकल्पिक व्यवस्था यहां पर अपर्याप्त साबित हो रही है। इन दिनों प्रादेशिक सेना भर्ती में आने वाली भीड़ के देखते हुए यह व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरा् के समान साबित हो रही है। रेलवे स्टेशन पर खपत ज्यादा हो रही है और टैंकर से पानी की वैकल्पिक व्यवस्था रेलवे के लिए महंगी भी साबित हो रही है।

नलकूप घोषित
रेलवे का सरकारी नलकूप तकनीकी खराबी के चलते सवा बंद हो गया और इसकी सूचना पर बीकानेर रेल प्रबंधक मुख्यालय से जल महकमे के तकनीकी कर्मियों ने इस नलकूप की सुध ली। लेकिन यह सुध एकतरफा रही और इस सुध में नलकूप की खराबी पड़ताल करते पाया कि इसमें पानी की आवक कम हो गई है और पाइप भी इसकी पूरी गहराई तक छू गए है।

ऐसे में यह नलकूप नाकारा हो गया है। चूंकि यह रपट रेलवे के संबंधित विभाग के अधिकारियों ने सही मानकर सिरे नलकूप को फेल घोषित कर दिया। इसके बाद स्थानीय वाशिंदों व रेलवे के स्थानीय सूत्रों एक बार एक पाइप डालकर नलकूप को चेककर चलाने मांग रेलवे बड़े अधिकारियों से कई बार की।

किन्तु इस ओर ध्यान ही दिया जा रहा है जबकि हकीकत यह है किइस नलकूप की गहराई 160 मीटर है और जबकि अभी तक दो पाइप लगाकर इसको चालू किया जा सकता हैद्ध यदि एक या दो पाइप डालने पर यह नलकूप दो तीन साल तक यहां की पेयजल आपूति में सहायक हो सकता है।