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VIDEO: ओकीदो प्रेक्षा ध्यान योग शिविर: आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली से दिया उपचार

अन्तर राष्ट्रीय योग प्रशिक्षक डॉ.प्रदीप भाटी ने योग की विशेष क्रियाएं कराई। शिविर में सरदारशहर से आए मुन्नालाल सेठिया के सान्निध्य में रोग विशेषज्ञ आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने लोगों को उपचार, परामर्श व औषधियां प्रदान की।

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yoga camp

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बीकानेर. राजस्थान पत्रिका, जनमंगल पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट जयपुर एवं राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र की ओर से गंगाशहर स्थित प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र में चल रहे तीन दिवसीय ओकीदो प्रेक्षा ध्यान योग शिविर में तीसरे दिन बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने स्वस्थ रहने के गुर सीखे। अन्तर राष्ट्रीय योग प्रशिक्षक डॉ.प्रदीप भाटी ने योग की विशेष क्रियाएं कराई। शिविर में सरदारशहर से आए मुन्नालाल सेठिया के सान्निध्य में रोग विशेषज्ञ आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने लोगों को उपचार, परामर्श व औषधियां प्रदान की।

योग प्रशिक्षक ने मुख्य रूप से 'कायोत्सर्गÓ योग क्रिया के माध्यम से स्थूल शरीर को छोड़कर सूक्ष्म शरीर की यात्रा कराई। साथ ही कमर, गर्दन, कंधों के दर्द से निजात दिलाने के लिए सरल व कारगर योग क्रियाएं कराई। इसके अलावा डांसिंग, पिकॉक, ताड़ासन, पेट की क्रियाएं, मांसपेशियों में लचीलापन लाने के लिए दीर्घ श्वास के साथ अभ्यास, एकाग्रता, दीर्घ श्वास के साथ हलन-चलन, सही बैठना-उठने, चलने की योग क्रियाओं को तीसरे दिन भी कराया।

300 लोग लाभान्वित
शिविर में दो दिनों में करीब 300 लोग लाभान्वित हुए हैं। इन लोगों को आयर्वुेदिक दवाइयां, उपचार व परामर्श दिया जा रहा है। साथ ही योग की क्रियाएं भी कराई जा रही है। सोमवार को शिविर का अंतिम दिन है। आयोजन को लेकर वयोवृद्ध महावीर प्रसाद शर्मा, बनवारीलाल शर्मा, दुर्गादेवी व्यास, वैद्य प्रकाश शर्मा, भगवान अग्रवाल, भंवरलाल गहलोत सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।

सम्पूर्ण चिकित्सा है आयुर्वेद
पत्रिका की ओर से लगाए गए आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर में सरदारशहर से आए मुन्नालाल सेठिया ने कहा कि मनुष्य को एकाग्रचित होकर भोजन करना चाहिए। इस समय एकदम शांत रहना चाहिए। संयमित जीवनशैली जरूरी है, ताकि तनाव से बचा जा सके। वैद्य वेदप्रकाश शर्मा व नृसिंह शर्मा ने बताया कि आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली वर्षों पुरानी भारतीय पद्धति है। यह रोग को जड़ से समाप्त करती है। उसकी तह तक जाती है, उसके होने का कारण खोजती है, उसके बाद उपयुक्त उपचार करती है।

आयुर्वेद में हर रोग के उपचार की क्षमता है। प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र में लगे शिविर में बीकानेर के अलावा छत्तरगढ़, नोखा, नापासर सहित आसपास से भी रोगी पहुंच रहे। उनको उदर रोग, शुगर, पेशाब की बीमारी, जोड़ों के दर्द, नजला आदि रोगों की दवाइयां व परामर्श शिविर में नि:शुल्क प्रदान किया जा रहा है।

पत्रिका का सरोकार
पत्रिका के सम्पादकीय प्रभारी हरेन्द्र सिंह बगवाड़ा ने कहा कि राजस्थान पत्रिका सामाजिक सरोकार के कार्य में सदैव तत्पर रही है। प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र में चलाए जा रहे शिविर से यह प्रयास किए जा रहे हैं कि लोग मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ्य रहे। जो अस्वस्थ हैं, वो आयुर्वेदिक चिकित्सा से उपचार लें। आयुर्वेदिक दवाइयों के सेवन से दीर्घायु बनें। लोग स्वस्थ व खशुहाल रहे।