
गलती से भी अगर Royal Enfield से किया ये काम तो सीधा जेल जाएंगे आप
आज के समय में आपने देखा होगा कि लोग रॉयल एनफील्ड ( royal enfield ) बाइक से बहुत ज्यादा शोर मचाते हुए जाते हैं। कई बार तो लोग इससे पटाखे फोड़ते हुए भी जाते हैं, जिससे आस-पास मौजूद लोगों को दिक्कत होती है। अब अगर कोई भी व्यक्ति ऐसा करता हुए नजर आता है तो उसे बहुत ज्यादा दिक्कत हो सकती है। आइए जानते हैं क्या है इसकी वजह।
दिल्ली हाई कोर्ट में हाल ही में सामने आई एक जनहित याचिका में बताया गया कि भारत में ध्वनि प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण मॉडिफाइड की हुई रॉयल एनफील्ड है। ये याचिका जस्टिस फॉर राइट्स फाउंडेशन एनजीओ और लॉ स्टूडेंट प्रतीक शर्मा ने दर्ज करवाई है। प्रतीक का मानना है कि रॉयल एनफील्ड में लगे मॉडिफाइड सामान से देश में ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है। रॉयल एनफील्ड के साइलेंसर्स बहुत ज्यादा शोर करते हैं, जिससे लोगों को बहुत ज्यादा दिक्कतें हो रही हैं। हाई कोर्ट से याचिका में गुहार लगाई गई है कि दिल्ली में रॉयल एनफील्ड बाइक्स में मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न, स्पीकर्स को बनाने, इस्तेमाल और बिक्री पर प्रतिबंध लगाए।
सीजे राजेंद्र मेनन और जस्टिस वी के राव की बेंच ने केंद्र, दिल्ली सरकार, पुलिस और पॉल्यूशन कंट्रोल समितियों को नोटिस जारी कर इस याचिका पर उनसे जवाब देने के लिए कहा है। मॉडिफाइड एग्जॉस्ट वाली रॉयल एनफील्ड बाइक्स से क्षेत्र में शोर मचता है। इससे बुजुर्ग, दिल के मरीजों, छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। देश भर की पुलिस इस समस्या से निपटने के लिए कई तरीकों को इस्तेमाल कर रही है। याचिका के अनुसार, मॉडिफाइड बाइक्स से ऐसा होता है, जिससे थकान, हृदय रोग, तनाव, नींद नहीं आने, सिरदर्द, झुंझलाहट, पाचन संबंधी समस्याएं और ब्लड-प्रेशर में उतार-चढ़ाव होता है।
Updated on:
16 Sept 2018 11:40 am
Published on:
16 Sept 2018 11:40 am
