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स्मार्ट कार्ड से अस्पतालों का 25 करोड़ बकाया, डॉक्टरों ने इलाज से किया इनकार

निजी अस्पतालों में स्मार्ट कार्ड से होने वाले इलाज का भुगतान पिछले दो महीने से नहीं किया गया है।

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बिलासपुर . मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के शहर पहुंचने की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने आनन फानन में निजी डाक्टरों की बैठक बुलाई। बीमा कंपनी ने हर बार की तरह शुक्रवार को भी जल्द भुगतान करने का आश्वासन देते हुए स्मार्ट कार्ड से इलाज प्रारंभ करने के लिए कहा लेकिन डाक्टरों ने साफ इनकार कर दिया। कंपनी से कहा कि भुगतान के अलावा और भी जटिल नियम लागू किए गए हैं जिस पर विचार नहीं किया गया है। बताया जाता है निजी अस्पतालों को लगभग 25 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं हो पाया है। निजी अस्पतालों में स्मार्ट कार्ड से होने वाले इलाज का भुगतान पिछले दो महीने से नहीं किया गया है। जिसके कारण जिले के अस्पताल संचालकों ने स्मार्ट कार्ड से इलाज बंद कर दिया है। इससे मरीजों को अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को शाम 5 बजे कलेक्टर कार्यालय स्थित मंथन सभा कक्ष में डाक्टर, सीएमएचओ बीबी बोर्डे, प्रभारी कलेक्टर केडी कुंजाम, विडाल कंपनी के अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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कंपनी के अफसर ने कहा जल्द ही डाक्टरों का बकाया भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन भुगतान की तारीख नहीं बताई। डाक्टरों का कहना था एेसा आश्वासन पिछले दो महीने से मिल रहा है। इसके अलावा मरीजों को भर्ती सहित अन्य मामले पर जानकारी चाही गई लेकिन कंपनी के अधिकारी ने कुछ नहीं बताया। अधिकारी अपने तरफ से डाक्टरों को मनाने की कोशिश करते रहे लेकिन डाक्टरों ने इनकी एक नहीं सुनी। डॉक्टर नितिन जुनेजा ने बताया कि भुगतान सहित अन्य मांगों पर सहमति नहीं बन पाई है।
सहमति नहीं बन पाई : जिला प्रशासन के आदेश पर निजी डॉक्टरों, कंपनी के बीच बैठक हुई लेकिन स्मार्ट कार्ड से इलाज को लेकर सहमति नहीं बन पाई है।
बीबी बोर्डे, सीएमएचओ

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