11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Bilaspur Crime News: शातिर ने रिटायर्ड बीएमओ से की 7 लाख रुपए से अधिक की ठगी, पुलिस ने केरल से दबोचा

Thagi News: पुलिस ने 72 घंटों के भीतर केरल से एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह के सदस्य फवाज को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने लोरमी के सेवानिवृत्त बीएमओ से डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर 7 लाख 36 हजार रुपये की ठगी की थी।

2 min read
Google source verification
Bilaspur Crime News

Bilaspur Crime News: लोरमी निवासी सेवानिवृत्त बीएमओ से 7 लाख 36 हजार रुपए की डिजिटल ठगी करने के एक आरोपी को पुलिस ने केरल से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। दूसरा आरोपी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है।

पुलिस के अनुसार लोरमी निवासी सेवानिवृत बीएमओ से 6 सिंतबर को कुछ लोगों द्वारा व्हॉट्सअप वीडियो कॉल कर स्वयं को मुंबई काइम ब्रांच का अधिकारी बताकर डरा धमका कर डिजिटल अरेस्ट कर 7 लाख 36 हजार रुपए की ठगी की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली गिरिजा शंकर जायसवाल द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुंगेली पंकज पटेल के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन कर तत्काल आरोपियों की पतासाजी का निर्देश दिया गया।

यह भी पढ़े: Train News: बिना टिकट ट्रेन सफर पड़ेगा भारी! अब टीटीई से बचकर भागे तो इस तरह पकड़े जाएंगे लोग, यहां पढ़े नहीं तो…

बैंक डिटेल एवं मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस केरल रवाना हुई। केरल के संभावित स्थानों पर मुंगेली पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस को साथ लेकर दबिश दी। एक दिन के प्रयास से टीम को केरल के मल्लापुरम् जिले के चेरुकापल्ली वेल्लुवागड से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई। आरोपी से पूछताछ में पता चला कि उसका एक अन्य साथी जिलशाद निवासी कालीकट भी इसके गिरोह में शामिल है। उसकी गिरफ्तारी हेतु टीम प्रयासरत है।

वारदात को अंजाम देने के पश्चात् आरोपी दुबई भागने की फिराक में था, किन्तु मुंगेली पुलिस की तत्परता एवं सक्रियता से विदेश भागने में असफल रहा। आरोपी के विरूद्ध धारा 318 (4) बीएनएस 66 (डी) आईटी एक्ट के तहत जुर्म दर्ज किया गया। इस कार्यवाही में निरीक्षक संजय सिंह थाना प्रभारी सरगांव, सउनि. भानु प्रताप बर्मन चौकी प्रभारी डिण्डौरी, सउनि. लखीराम नेताम, प्रधान आरक्षक बालीराम ध्रुव, आरक्षक रवि डाहिरे, अब्दुल रियाज एवं सायबर सेल की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।